एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में राजस्थान तीसरे स्थान पर, जहां फैलाई जाती है नफरत

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Nidhi Mishra

July, 1701:45 PM

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव अधिकारों की पैरवी करने वाली संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कई सारे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। साथ ही जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे राज्य तो शर्मसार होता ही है। ये भी पता चलता है कि प्रदेश की 'अपणायत' धूमिल होती जा रही है। आइए आपको बताते हैं कि रिपोर्ट के वो तथ्य जिन्हें पढ़कर आपको बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा। एमनेस्टी इंटरनेशनल भारत के उन राज्यों की सूची बनाई है, जहां अपराध सबसे ज्यादा है। लिस्ट में पहले नम्बर पर उत्तरप्रदेश है। यूपी में नफरत फैलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। इसके बाद प्रधानमंत्री का गृह राज्य यानी गुजरात दूसरे नम्बर पर है। अपराध और नफरत फैलाने वाले मामलों में तीसरे स्थान पर राजस्थान, चौथे पर तमिलनाडु और पांचवे नंबर पर बिहार को रखा गया है। यानी राजस्थान बिहार से भी पिछड़ गया है।

 

 

नफरत फैलानी वाली घटनाओं में राजस्थान तीसरे नम्बर पर

जैसा कि पिछले कई दिनों में देखने को मिला है कि देश के अंदर मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में 2015 से अब 31 हेट क्राइम दर्ज किए गए, जिसमें से अधिकतर दलितों व पिछड़ों के खिलाफ हिंसा से जुड़े थे। उनमें भी ज्यादातर दलित महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ थे। 2018 के आंकड़ों के अनुसार यूपी में 18 घटनाएं, गुजरात में 13, राजस्थान में 8, तमिलनाडु और बिहार में 7-7 हेट क्राइम केसेस सामने आए हैं।

 


दलित महिलाओं व लड़कियों को बनाया गया निशाना

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया की यह रिपोर्ट साल 2018 के शुरुआती 6 महीनों की है। इसके मुताबिक, देश भर में अब तक दलितों के खिलाफ ऐसे 67 और मुस्लिमों के खिलाफ 22 मामले सामने आए हैं। एमनेस्टी द्वारा रिकॉर्ड किए इन अपराधों में सबसे ज्यादा मामले गाय (गोकशी का शक) से जुड़ी हिंसा और ऑनर किलिंग से जुड़े हैं। उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा इन घटनाओं के लिए ज्यादा संवेदनशील है। वहीं राजस्थान की बात करें तो 2015 से अब तक 31 ऐसे मामले सामने आए हैं। इनमें से ज्यादातर दलित महिलाओं और लड़कियों के साथ दुष्कर्म के हैं।

 

 

2015 से 2018 तक इतने मामले आए सामने
2015— 3, 28 सितंबर के बाद से
2016— 10
2017— 18
2018— 08 6 महीनों में

 

 

45 महीनों में 31 मामले
सितंबर 2015 से लेकर जून 2018 तक 31 मामले सामने आए हैं, जहां हेट क्राइम नजर आया है। इनमें दलित महिलाओं और बच्चियों से दुष्कर्म और कुछ के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले भी सामने आए हैं।

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