पाठकों के दर्द में पत्रिका उम्मीदों का संसार : कोठारी

कुलिश जयन्ती पर पत्रिका परिवार के सदस्यों का सम्मान

By: pushpendra shekhawat

Published: 20 Mar 2021, 09:33 PM IST

जयपुर। राजस्थान पत्रिका समूह के चेयरमैन एवं प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश को उनकी जयन्ती पर याद करते हुए कहा कि पत्रिका ने पाठकों का दर्द सदैव सबसे आगे रखा, इसीलिए कोरोना काल में किया गया काम करिश्मा बन पाया। पाठकों के विश्वास के कारण ही पत्रिका खबरों के साथ उनकी उम्मीदों का भी संसार है।


कोठारी ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय स्वर्गीय कर्पूर चन्द्र कुलिश की जयन्ती पर शनिवार को यहां पत्रिका समूह की ओर से आयोजित समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर श्रद्धेय कुलिश जी के विचारों पर आधारित फिल्म दिखाई गई, वहीं कोठारी ने पत्रिका परिवार के सदस्यों और सहयोगियों को कोरोना संकट के दौरान उनके योगदान के लिए मेडल पहनाकर सम्मानित किया।

व्यक्तित्व से समझौता नहीं
कोठारी ने कहा कि पत्रिका 65 साल में परिस्थितियों के अनेक आंधी-तूफान देख चुका है, लेकिन अपने व्यक्तित्व को नहीं बदला। पत्रिका का सामूहिक प्रयास का अपना व्यक्तित्व है। इसी कारण पत्रिका कभी न पाठक से अलग हो सका और न ही पाठकों की निष्ठा कम होने दी।

बांटा पाठकों का दर्द
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पत्रिका ने पाठकों का दु:ख-दर्द बांटा, जो किसी से छिपा नहीं है। जो सरकार ने नहीं किया और पाठकों के लिए जरूरी था, उसके लिए आवाज उठाई। पत्रिका परिवार के हर सदस्य को यही सिखाया कि वह जहां भी रहता है, वहां के लोगों की मदद कर उनकी उम्मीदों को पूरा करे।

मीड़िया उद्योग नहीं है
कोठारी ने आज अधिकांश मीड़िया समूह उद्योग बनकर लोकतंत्र से दूर हो गए हैं। इसकी वजह मीड़िया की विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका के साथ चौथा पाया बनने की चाहत है, इससे उसका जनता और सरकार के बीच सेतु बनने का काम सिमट गया है। पत्रिका पाठकों का दु:ख दर्द समझकर सेतु बने रहने की भूमिका पूरा करने का दायित्व निभा रहा है।

pushpendra shekhawat Desk
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