राजस्थान पत्रिका की ओर से पंडित झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान एवं सृजनात्मक साहित्य एवं पत्रकारिता पुरस्कार समारोह राजधानी के एक होटल में संपन्न हुआ। इसमें मुख्य वक्ता भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के महानिदेशक केजी सुरेश रहे। जबकि समारोह की अध्यक्षता राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश प्रकाश टाटिया ने की।

जस्टिस टाटिया ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा हर प्रोफेशन में चुनौती आती है, लेकिन चुनौती को किस तरह से देखा जाए ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा पत्रिका ने पत्रकारिता के उच्चतम मापदंडों को बनाए रखा है। पत्रिका ने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए मूल्यों से समझौता नहीं किया है। समारोह में पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी उपस्थित रहे।

पत्रिका टीम की पत्रकारिता में विभिन्न विधाओं में सर्वश्रेष्ठ कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। सृजनात्मक साहित्य पुरस्कारों के तहत कहानी में पहला पुरस्कार भोपाल की इंदिरा दांगी की कहानी 'बकरी व कविता में पहला पुरस्कार कोटा के ओम नागर की 'अंतिम इच्छा' को दिया गया। कहानी में दूसरा पुरस्कार बीकानेर के हरदर्शन सहगल की 'मैं तुमसे प्यार करती हूं' और कविता में दिल्ली के डॉ. पल्लव की कविता 'बरेखन' को दिया गया।

 

राष्ट्रभाषा के निर्माण में पत्रिका की भूमिका

समारोह के मुख्य वक्ता केजी सुरेश ने कहा राष्ट्रभाषा के निर्माण और प्रचार-प्रसार में पत्रिका का अद्भुत योगदान है। पत्रिका ने हिंदी भाषा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हिंदी और भाषायी अखबार पत्रकारिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हिंदी समाचार पत्र लोगों को आवाज उठाने में आगे रहे हैं। पत्रिका ने पत्रकारिता के मूल्यों का बेहतरी से निर्वहन किया है।

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