फोन टैपिंग मामला: गहलोत-गजेन्द्र ने साधी चुप्पी, धारीवाल-जोशी रहे हमलावर

फोन टैपिंग मामले में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह की ओर से एक दिन पहले दिल्ली में दर्ज कराई गई एफआइआर से राज्य की सियासत भी उबाल पर रही। मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भी जहां अशोक गहलोत ने अपनी चुप्पी साध रखी है, वहीं जोधपुर पहुंचे मंत्री गजेन्द्र सिंह ने भी इस प्रकरण को लेकर मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया।

By: santosh

Published: 28 Mar 2021, 12:43 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/ जयपुर। फोन टैपिंग मामले में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह की ओर से एक दिन पहले दिल्ली में दर्ज कराई गई एफआइआर से राज्य की सियासत शनिवार को भी उबाल पर रही।

मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भी जहां अशोक गहलोत ने अपनी चुप्पी साध रखी है, वहीं जोधपुर पहुंचे मंत्री गजेन्द्र सिंह ने भी इस प्रकरण को लेकर मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। लेकिन कांग्रेस की ओर से संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी हमलावर रहे।

कांग्रेस ने कहा है कि ऑडियो क्लिप वायरल होने पर गजेंद्र सिंह ने कहा था कि ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। बिना डरे वॉइस सैंपल दे सकते थे। अब एफआइआर करवा रहे हैं। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने फोन टैपिंग को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

वॉइस सैंपल दे अपनी एफआइआर मजबूत करें शेखावत: जोशी
फोन टैपिंग मामले में पिछले वर्ष एसीबी में एफआइआर दर्ज करवाने वाले सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा है कि गजेंद्र सिंह शेखावत को अपने राज्य की पुलिस पर विश्वास नहीं है। इसलिए उन्होंने एसओजी व एसीबी की ओर से मांगने पर भी वॉइस सैंपल नहीं दिया। लेकिन अब उनकी सरकार के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को अपना वॉइस सैंपल देकर अपनी ही एफआइआर को मजबूत बनाने की कोशिश करें। उन्होंने राजेंद्र राठौड़ को ट्वीट कर कहा कि अपना राजनीतिक धर्म निभाने के लिए मेरे खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का पुनीत कार्य राठौड़ द्वारा स्वयं किया जाएगा तो मैं उनका अत्यंत आभारी रहूंगा। वहीं, धारीवाल ने नरेंद्र मोदी पर गुजरात के मुख्यमंत्री रहते फोन टैपिंग करवाने के आरोप लगाए और जांच की मांग की।

जांच से सामने आएगी सच्चाई - पूनिया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने दौसा में कहा कि फोन टैपिंग मामले की जांच से सच्चाई सामने आएगी। प्रदेश में सरकार ने टैपिंग कराई है, यह सरकार ने स्वीकार किया है। बड़ी एजेन्सी जांच करेगी तो दूध का दूध पानी का पानी होगा।

यहां की जांच एजेसिंयों पर नहीं भरोसा - मुरारी
कांग्रेस विधायक मुरारीलाल मीना ने कहा कि गजेंद्र सिंह को प्रदेश की जांच एजेन्सियों पर भी विश्वास नहीं है। यही कारण है कि उनके केन्द्रीय नेता ने इतने दिनों बाद दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया है। इसका मतलब है कि वे अपने पक्ष की एजेंसी से जांच कराना चाहते हैं।

स्वरूप का नाम नहीं
इस मामले की दिल्ली में हुई एफआइआर में गृह विभाग के तत्कालीन एसीएस का जिक्र है, लेकिन राजीव स्वरूप का नाम नहीं है। एफआइआर में 17 जुलाई, 2020 का जिक्र किया गया है, उससे पहले ही स्वरूप एसीएस गृह से हटाकर मुख्य सचिव बनाए जा चुके थे।

सोशल मीडिया पर व्हाट्सऐप पर उस दिन 3-4 बजे से ही ये ऑडियो क्लिप चल रही थी। मेरे पास भी शाम को आई तो मैं क्यूं छिपाता? चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही थीं, जरूरी था कि इस षड्यंत्र को जनहित में जनता व मीडिया के सामने अधिक से अधिक लाया जाए। सरकार गिराने की साजिश बेनकाब हो तो मैंने ऑडियो क्लिप आगे व्हाट्सऐप पर मीडिया के ग्रुप्स में भेजी। फोन टैपिंग के आरोप सरासर गलत है। मैंने कोई टैपिंग नहीं की।

लोकेश शर्मा, ओएसडी, मुख्यमंत्री

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned