दस दिन पहले ही लिख दी गई थी केंद्रीय मंत्री शेखावत की एफआइआर की पटकथा

Rajasthan phone tapping case: फोन टैपिंग को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई एफआइआर के मामले में कहानी दस दिन पहले ही लिख दी गई थी।

By: santosh

Updated: 27 Mar 2021, 02:48 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/ जयपुर । Rajasthan phone tapping case: फोन टैपिंग को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई एफआइआर के मामले में कहानी दस दिन पहले ही लिख दी गई थी। केंद्र से भाजपा के सदस्यों को फोन टैपिंग मामला सदन में पूरी शिद्दत से उठाने के निर्देश मिले थे।

भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को गत 15 मार्च को ये निर्देश मिले और 16 मार्च को विधायक दल की बैठक बुलाई गई। फिर सदन में शून्यकाल शुरू होते ही जमकर हंगामा हुआ। कई बार सदन स्थगित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने आखिरकार राज्य सरकार से इस मामले में जवाब दिलवाने की व्यवस्था की। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सदन में इसी जवाब का इंतजार था।

संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के जवाब के बाद फोन टैपिंग को लेकर भाजपा आलाकमान की इच्छा के अनुसार राजस्थान से बाहर की जांच एजेंसी को मैदान में उतारने की राह खुल गई। हालांकि राज्यसभा चुनाव के दौरान गत जून से शुरू हुए सियासी संकट को 290 दिन हो चले हैं। इस दौरान विवाद कभी सुलग रहा है, कभी तेजी से दहक रहा है।

सियासी खेमों के दावे:
पिछले साल जुलाई में सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 19 विधायक सरकार से बगावत कर मानेसर में रिसोर्ट में पहुंच गए थे। इस खेमे ने सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया था। वहीं, मुख्यमंत्री के ओएसडी ने गत वर्ष 15 जुलाई को ३ ऑडियो क्लिप मीडिया को वाट्सएप कीं और दावा किया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त से संबंधित वार्तालाप में आवाजें गजेंद्र सिंह शेखावत और विधायक विश्वेंद्र सिंह व भंवरलाल शर्मा की हैं। शेखावत ऑडियो टैप में खुद की आवाज होने से इनकार करते रहे हैं। कांग्रेस शेखावत से वॉयस सैंपल देने की मांग कर रही है।

एसीबी की जांच जारी, एसओजी की बंद:
मुख्यमंत्री के ओएसडी की ओर से जारी आडियो टैप के आधार पर सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एसओजी और एसीबी में 17 जुलाई 2020 को केस दर्ज करवाए। एसओजी में तीन एफआइआर दर्ज थीं, जिनमें एफआर लग चुकी है। एक में एसीबी अब भी विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही है।

क्या कहते हैं नियम:
लोक सुरक्षा या लोक व्यवस्था के हित में या लोक सुरक्षा या लोक व्यवस्था को खतरा उपजाने वाले अपराध को प्रोत्साहित होने से रोकने के लिए, टेलीफोन अंतावरोध भारतीय तार अधिनियम 1885 की धारा 5 (2), भारतीय तार अधिनियम (संशोधित) नियम 2007 के नियम 419 ए व सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69 में वर्णित प्रावधान के अनुसार सक्षम अधिकारी (गृह विभाग के प्रमुख अधिकारी) की स्वीकृति के बाद फोन टैपिंग की जाती है।

290 दिन से जारी सियासी गरमाहट:
- 10 जून 2020: विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एसीबी में शिकायत दी। इसी के साथ विधायकों को दिल्ली रोड स्थित शिव बिलास होटल में बाड़ाबंदी में भेज दिया गया। इसी दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए बड़ी राशि राजस्थान आई है।

- 10 जुलाई 2020: भाजपा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस विधानसभा में दिया। दूसरी ओर एसओजी की ओर से धारा 124-ए, राजद्रोह और धारा 120-बी आइपीसी के तहत सचिन पायलट के लिए गवाही संबंधी नोटिस दे दिया गया।
- 12 जुलाई 2020: दिल्ली में मौजूद सचिन पायलट ने एक मोबाइल मैसेज के जरिए कहा कि अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है और मेरे साथ 30 विधायक हैं।

- 13 जुलाई 2020: कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पायलट खेमे के विधायक नहीं आए। बाद में अशोक गहलोत ने विधायकों को होटल फेयरमाउंट में बाड़ाबंदी में शिफ्ट कर दिया। गहलोत के नजदीकी कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र राठौड़, राजीव अड़ोरा पर ईडी और इन्कम टैक्स की कार्यवाही।
- 14 जुलाई 2020: सचिन पायलट, विश्वेन्द्र सिंह, रमेश मीणा को मंत्री और सचिन को अध्यक्ष पद से भी बर्खास्त कर दिया गया। विधायक राकेश पारीक को प्रदेश कांग्रेस सेवादल और मुकेश भाकर को युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। उधर, गोविन्द सिंह डोटासरा को कांग्रेस, हेमसिंह को सेवादल और गणेश घोघरा को युवक कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। कांग्रेस खेमे की ओर से ऑडियो जारी कर केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह, भाजपा के संजय जैन, विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेन्द्र सिंह के रुपए के लेन-देन की कथित आवाज होने के आरोप लगाए गए।

- 17 जुलाई 2020: मुख्य सचेतक महेश जोशी ने ऑडियो टैप को आधार बनाकर गजेन्द्र सिंह, संजय जैन, भंवरलाल शर्मा और विश्वेन्द्र सिंह के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज करा दिया। विश्वेन्द्र और भंवरलाल शर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया।
- 22 जुलाई 2020: मुख्यमंत्री के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत पर ईडी की कार्रवाई।

- 24 जुलाई 2020: सरकार को विधानसभा सत्र बुलाने की राज्यपाल से अनुमति नहीं मिलने पर राजभवन में मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों ने धरना दिया।
- 31 जुलाई 2020: कांग्रेस के सभी विधायकों को जयपुर के फेयरमाउंट होटल से जैसलमेर के सूर्यगढ़ में शिफ्ट कर दिया गया।

- 10 अगस्त 2020: सचिन पायलट की प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मामला सुलझा। अगले दिन पायलट कैम्प के विधायक जयपुर लौटे।
- 13 अगस्त 2020: मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक हुई। इसमें पायलट सहित सभी विधायक शामिल हुए। विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेन्द्र सिंह का निलंबन भी वापस ले लिया गया।

- 14 अगस्त 2020: राज्य सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित किया।
- 17 अगस्त 2020: गहलोत-पायलट खेमे की शिकायतों को दूर करने के लिए अजय माकन, केसी वेणु गोपाल और अहमद पटेल की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई।

- 16 मार्च 2021: विधानसभा के बजट सत्र में फोन टैपिंग का मामला फिर उठा। भारी हंगामे के बीच सदन स्थगित तक हुआ। अगले दिन सरकार ने इस पर जवाब दिया और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह पर आरोप लगाए। सरकार ने स्वीकारा कि सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने फोन टैपिंग ऑडियो को वायरल किया।
- 17 मार्च 2021: संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने फोन टैपिंग को लेकर सदन में सरकार की ओर से जवाब दिया।

- 26 मार्च 2021: केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह ने फोन टैपिंग के खिलाफ सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा, गृह विभाग के तत्कालीन एसीएस व अन्य के खिलाफ दिल्ली में मामला दर्ज कराया।
————————————————————

पत्रिका से बातचीत: ऑडियो किसी से भी मिला हो, इससे क्या: धारीवाल
- पत्रिका: फोन टैपिंग मामले में गजेंद्र सिंह की शिकायत पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में एफआइआर दर्ज हुई है, आपका क्या कहना है?

- धारीवाल: एफआइआर अभी देखी नहीं है, देखने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा।
- पत्रिका: सीएम के ओएसडी के पास ऑडियो कहां से आए, राज्य सरकार सोर्स क्यों पता नहीं कर रही?

- धारीवाल: ऑडियो किसी से भी मिला हो, इससे क्या? ऑडियो एसओजी के पास पहुंच गया है।
- पत्रिका: ऑडियो में विधायक भंवरलाल शर्मा व विश्वेंद्र सिंह की आवाज का दावा है, उनका वॉइस सैंपल क्यों नहीं लिया जा रहा?

- धारीवाल: उनकी बात तो गजेन्द्र सिंह से हुई थी। एसओजी उनकी आवाज का नमूना लेने दिल्ली गई लेकिन उन्होंने नहीं दिया। आगे एफआइआर देखने बाद ही कुछ कहेंगे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned