डूंगरपुर विवाद से सबक लेते हुए इस बार पहले ही कर लिया पुलिस ने ये काम — गुर्जर महापंचायत मामला

पिछले दिनों डूंगरपुर विवाद में चारों खाने चित्त होने वाली इंटेलीजेंस को भी इस बार पहले ही सक्रिय कर दिया गया है। इंटेलीजेंस की टीम एक दिन पहले ही वहां पहुंच गई है। अफसरों का दावा है कि पिछले दिनों जो डूंगरपुर में हुआ वह भरतपुर और करौली में नहीं होने दिया जाएगा।

 

By: JAYANT SHARMA

Updated: 17 Oct 2020, 11:11 AM IST

जयपुर
एक विवाद खत्म हुआ नहीं कि दूसरा विवाद शुरू हो गया। डूंगरपुर विवाद के बाद कुछ दिन शांति रही कि अब फिर से गुर्जर आरक्षण मामला उठ गया। नए डीजीपी एमएल लाठर की भी यह पहली बड़ी चुनौती है। डीजीपी की कुर्सी संभालने के बाद यह पहला बड़ा मामला है जब राजस्थान पुलिस की चिंता बढ़ गई है। हांलाकि इस बार पहले ही जरुरी बंदोबस्त पूरे किए जा चुके हैं। फिर चाहे वह इंटरनेट बंद करना हो या फिर गांवों के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात करना हो। पिछले दिनों डूंगरपुर विवाद में चारों खाने चित्त होने वाली इंटेलीजेंस को भी इस बार पहले ही सक्रिय कर दिया गया है। इंटेलीजेंस की टीम एक दिन पहले ही वहां पहुंच गई है। अफसरों का दावा है कि पिछले दिनों जो डूंगरपुर में हुआ वह भरतपुर और करौली में नहीं होने दिया जाएगा।


आज और कल छुट्टी का दिन लेकिन मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश
आज बयाना के पीलूपुरा के पास अड्डा गांव में होने वाली गुर्जर महापंचायत को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। इसको लेकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट सहित अतिरिक्त जाब्ता भी तैनात किया गया है। वहीं, सभी कार्मिकों सहित उपखंड अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश भी जारी कर दिए गए है। इसके अलावा डिवीजनल कमिश्नर पीसी बेरवाल व आईजी संजीव नार्जरी ने कहा है कि शनिवार को होने वाली महापंचायत को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। कानून व्यवस्था खराब ना हो इसकी पूरी तैयारी प्रशासन ने की है। आज सवेरे तक महापंचायत को लेकर कोई भी अनुमति नहीं ली गई है।

कोरोना में ज्यादा भीड़ नहीं हो इसलिए पुलिस पहले ही तैयार
स्थानीय जिला प्रशसन और पुलिस अफसरों ने कहा है कि कोरोना काल है। ऐसे में कोविड नियमों की पालना को लेकर आयोजकों से ज्यादा भीड़ जमा नहीं करने के लिए कहा है। कोविड के नियमों की पालना हो किसी को कोई असुविधा ना हो, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। अफसरों ने बताया कि आरक्षण संघर्ष समिति ने पहले मलारना डूंगर में स्थान तय किया था, जिसे बाद में बदलकर बयाना के पीलूपुरा के पास अड्डा गांव किया गया है। जहां गुरुवार को कलेक्टर व एसपी पहले ही दौरा कर चुके हैं। रेंज आईजी संजीव नार्जरी ने बताया कि आठ से दस पुलिस कंपनियों के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र दिया जा चुका है। गुर्जरों के जो बड़े नेता हैं उनको भी कई बार समझाया गया है कि पंचायत में ज्यादा भीड़ नहीं हो और किसी तरह का उग्र प्रदर्शन नहीं हो। सभी पुलिस थानों के साथ ही लाइन पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। अतिरिक्त फोर्स का भी बंदोबस्त किया जा रहा है।

रेलवे भी तैयार, पटरियों के आसपास आरपीएफ जवानों की गश्त
इधर, शनिवार को होने वाली गुर्जर महापंचायत को लेकर पुलिस व प्रशासन के साथ ही रेलवे भी अलर्ट मोड़ पर है। 100 से अधिक आरपीएफ जवानों की बयाना, हिंडौन, डुमरिया व पीलूपुरा सहित गुर्जर बाहुल्य इलाकों में ट्रैक पर निगरानी के लिए तैनात किया गया है। गुर्जर आंदोलन के दौरान पहले भी कई बार रेलवे की संम्पत्तियां निशाना बन चुकी है। जिसे दुरुस्त करने में काफी समय लगता रहा है। ऐसे में लोगों की परेशानी नहीं बढ़े इसलिए पहले ही तैयारी की जा रही है।

JAYANT SHARMA Desk
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