अस्पताल में रेप के मामले में आज आई ये बड़ी खबर.... बड़े एक्शन की तैयारी में पुलिस

अस्पताल के इस पूरे सिस्टम पर ही सवाल उठा दिए हैं। हांलाकि पुलिस ने आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उसके बाद भी कई बड़े सवाल हैं जिनका जवाब जनता मांग रही है...।

By: JAYANT SHARMA

Published: 17 Mar 2021, 12:40 PM IST

जयपुर
निजी अस्पतालों में जरा सी बीमारियों पर लाखों रुपए लूटने के आरोप हमेशा लगते रहे हैं और यहां तक कि कई बार तो अस्पताल प्रबंधन रुपए नहीं देने पर मृत हो चुके मरीजों के शव तक नहीं देते। इस तरह की घटनाओं के बाद निजी अस्पताल का क्रूर चेहरा सामने आता है। लेकिन इतना पैसा लेने के बाद में बेहद गंभीर मरीजों की सुरक्षा के साथ जो खिलवाड़ होता है उसका बड़ा उदाहरण सामने है। चित्रकूट के निजी अस्पताल में वेटिलेटर पर महिला मरीज के साथ हुए रेप ने निजी अस्पताल के इस पूरे सिस्टम पर ही सवाल उठा दिए हैं। हांलाकि पुलिस ने आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उसके बाद भी कई बड़े सवाल हैं जिनका जवाब जनता मांग रही है...।

जवाब मांग रहे हैं ये तीन बड़े सवाल
पूरे घटनाक्रम के बाद कई बड़े सवाल हैं जो जवाब मांग रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों के हिसाब से मेल और फीमेल स्टाफ उनको ट्रीट करता है। लेकिन इस मामले में महिला मरीज के पास मेल स्टाफ मौजूद रहा और वह भी रात के समय। जब किसी भी महिला मरीज की सुरक्षा बड़ा सवाल होती है। दूसरी बड़ा सवाल यह है कि निजी अस्पतालों में एंट्री करने से लेकर एग्जिट करने तक बात-बात पर शुल्क वसूलने वाले अस्पतालों में कई बार वेटिंलेटर और आईसीयू रुम में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे होते हैं जबकि वे भी अस्पताल का ही बेहद प्रमख हिस्सा होता है...? तीसरा और सबसे बडा सवाल यह है कि मरीज के परिजन चाहकर भी रात या दिन के समय अधिकतर निजी अस्पतालों में नहीं रुक पाते। मरीजों को सुरक्षा और हाईजीन के नाम पर सिंगल वार्डों में रखा जाता है और वहां पर स्टाफ के अलावा किसी को भी नहीं जाने दिया जाता। ऐसी स्थिति में मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है... इसकी जिम्मेदारी किसकी है...? गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर के कई निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत और उसके बाद उनके शवों को नहीं देने या फिर मृत मरीजों को ही वेटिंलेटर पर रखने के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन वेंटिलेटर पर रेप का इस तरह का पहला बड़ा मामला सामने आया है। मरीजों की सुरक्षा अब निजी अस्पतालों में सबसे बड़ा सवाल है।

Show More
JAYANT SHARMA Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned