कोरोना कालः पुलिस... कम से कम आप तो ऐसा नहीं करें....सामने आया पुलिस का अमानवीय चेहरा...।

इन दोनो मामलों ये बिल्कुल इतर मुंबई की एक बुजुर्ग महिला का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लाॅकडाउन के बाद भी वह फूल बेच रही थी। वहां से गुजरी पुलिस ने महिला के सभी फूल खरीद लिए और उसके बाद उसे हर दिन पांच सौ रुपए इस शर्त पर देने का वादा किया कि वह दुबारा फूल बेचने नहीं आए।

By: JAYANT SHARMA

Published: 03 May 2021, 01:07 PM IST

जयपुर
कोरोना काल में जहां प्रदेश भर की पुलिस अपने कत्वर्य का निर्वाह कर रही है वहीं पर कुछ ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जहां पर पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आ रहा है वह भी बुजुर्गों और दिव्यांगों के प्रति। ताजा वाक्या बांसवाड़ा से सामने आया है। जहां पर दो दिन पहले यानि शुक्रवार को उदयपुर मार्ग पर लीयो सर्किय के नजदीक एक दिव्यांग को सीआई रतन सिंह ने खुद ही डंडों से बुरी तरह पीटा।

पंचर बनाने वाले कमलेश का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने दुकान खोली थी और कुछ रुपए कमाने की कोशिश कर रहा था ताकि लाॅकडाउन के बीच परिवार का खर्च चल सके। लेकिन सीआई ने उस पर कुछ ही सैंकंड में इतने डंडे बरसाऐ कि मत पूछिए। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर डाल दिया और बाद में शनिवार देर रात बांसवाडा एसपी के संज्ञान में यह मामला आया।

एसपी ने तुरंत प्रभाव से सीआई रतन सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। गौरतलब है कि इसी तरह से दो दिन पहले एक जोधपुर के बासनी थाने की महिला थानाधिकारी ने साठ वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया था। आरोप इतना था कि वह समय पूरा होने के बाद ठेले पर सब्जी बेच रही थी। जबकि महिला का कहना था कि वह ठेला लेकर घर जा रही थी।

इन दोनो मामलों ये बिल्कुल इतर मुंबई की एक बुजुर्ग महिला का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लाॅकडाउन के बाद भी वह फूल बेच रही थी। वहां से गुजरी पुलिस ने महिला के सभी फूल खरीद लिए और उसके बाद उसे हर दिन पांच सौ रुपए इस शर्त पर देने का वादा किया कि वह दुबारा फूल बेचने नहीं आए और गाइड लाइन का उल्लघंन नहीं करे। पुलिस के इस प्रयास को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया गया।

JAYANT SHARMA Desk
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