... तो क्या अब राजस्थान में भी घूम रहे हैं तब्लीग के विदेशी जमाती! पढ़ें बड़ी खबर

Rajasthan Police in search of Markaz people from foreign: ... तो क्या राजस्थान में भी घुस आये तब्लीग के विदेशी जमाती! पढ़ें बड़ी खबर

By: nakul

Updated: 10 Apr 2020, 11:41 AM IST

कोटा।

राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में करीब 964 विदेशी जमाती घूम रहे हैं, जो पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। सीआईडी के हवाले से मिली इस खुफिया खबर के बाद अब प्रदेश में भी सभी पुलिस अधीक्षकों को ऐसे जमातियों को तलाश कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सीआईडी सुरक्षा राजस्थान के पुलिस अधीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को जमाती गतिविधियों में संलिप्त विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अवगत कराया है।

सामने आया है कि पर्यटक वीज़ा पर आये 964 जमातियों ने अभी तक देश से प्रस्थान नहीं किया है। ऐसे में उनकी यात्रा दस्तावेज़ों के आधार पर पहचान कर सूचना गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों के साथ साझा की गई है। साथ ही ऐसे जमातियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई किए जाने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद राजस्थान पुलिस विभाग ने सभी आला अधिकारियों को सूचित कर दिया है।


तलाश पर ज़ोर देने के निर्देश
सीआईडी ने विदेशी तब्लीग जमात के 964 सदस्यों की सूची पुलिस अधीक्षकों समेत आला अफसरों को भेजी है, जो विभिन्न क्षेत्रों में होटल, धर्मशाला, सराय, मदरसों, मस्जिदों और अन्य संभावित स्थानों पर तलाशी करवाकर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।


मुश्किल बढ़ा सकती हैं मरकज़ में शामिल हुई महिलाएं
गौरतलब है कि काफी संख्या में तबलीगी जमात के लोग कोरोना के शिकार हुए हैं और कई में वायरस के लक्षण भी पाए गए हैं। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि निजामुद्दीन मरकज ( Nizamuddin Markaz ) में शामिल महिलाओं की तलाश कब होगी?


दरअसल, निजामुद्दीन मरकज में हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के जमातियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई थीं। क्राइम ब्रांच से लेकर अन्य सभी जांच एजेंसियां देशभर में पुरुषों की तलाश तो कर रही हैं, लेकिन इन महिला जमातियों से अंजान बनी हुई हैं। ऐसे में यह महिलाएं देश के लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमात में ये महिलाएं पिता, भाई या बेटे के साथ शामिल होती हैं। इस जमात को मस्तूरात की जमात कहा जाता है, जिसमें महिला और पुरुष दोनों होते हैं। जमात में जाने वाले पुरुष मस्जिद में रुकते हैं, जबकि महिलाएं मस्जिद के आसपास के किसी घर में। लॉकडाउन के दौरान मरकज से काफी संख्या में महिलाएं भी मिली थीं।


जमात से जुड़े एक शख्स का कहना है कि मरकज में महिलाओं के ठहरने के लिए एक अलग से बड़ा हॉल बना हुआ है, वहां पर पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित है। मरकज से मस्तूरात की तीन दिन, 40 दिन और दो महीने की जमातें देश-विदेश में जाती हैं। मार्च महीने में बहुत सी विदेशी मस्तूरात की जमातें दिल्ली में भी आई हुई हैं। यह जमातें दिल्ली की विभिन्न मस्जिदों में रुकी हुई थीं, वहीं कुछ जमातें मरकज में भी रुकी थीं। जिस वक्त मरकज को सील किया गया, उस दौरान महिलाओं को भी क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है।


फिलहाल, दिल्ली पुलिस के पास ये जानकारी नहीं है कि क्वारंटाइन सेंटर में कितनी महिलाओं को रखा गया है। अब ये मुस्लिम महिलाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही हैं। क्योंकि, एक तो ये बुर्के में रहती हैं और दूसरे के सामने अपना चेहरा नहीं दिखाती हैं। लिहाजा, अब से ज्यादा जरूरी हो गया हैकि उन महिलाओं को ढूंढना जो मरकज में शामिल हुई थीं। क्योंकि, उन्हें नहीं ढूंढा गया तो देश में कोरोना का संकट काफी बढ़ जाएगा।

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