अब नहीं डरेंगी, मनचलों को सबक सिखाएंगी राजस्थान पुलिस की तैयार 'मणिकर्णिकाएं'

Mahila Shakti Self Defence Centers: सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे रही राजस्थान पुलिस
अब महिलाएं खुद कर सकेंगी अपनी रक्षा

Savita Vyas

Updated: 19 Jan 2020, 02:12:22 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। Mahila Shakti Self Defence Centers: समाज में बेटियों और महिलाओं के साथ हो अपराधों में कमी लाने के लिए अब पुलिस ने उन्हें मणिकर्णिका के तौर पर तैयार करने का बीड़ा उठाया है। राजस्थान पुलिस (rajasthan police) बेटियों को सेल्फ डिफेंस (self defence) के जरिए अब ताकतवर और मजबूत बना रही है, जिससे संकट के समय वह खुद अपनी रक्षा कर सकें।

प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों में कमी लाने के लिए अब महिलाओं को ही सशक्त बनाया जा रहा है। जी, हां राजस्थान पुलिस (rajasthan police) बेटियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखा रही है। इसमें उन्हें फिजिकली स्ट्रांग बनाने के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए युवतियों को मिर्ची बम बनाना और उसके इस्तेमाल करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।

आपको बता दें राजस्थान में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं उन्हें आत्म रक्षा के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस प्रदेश के सभी जिलों में नए साल से महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें 13 साल से अधिक की बालिकाओं और महिलाओं को सात दिन की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। शहरभर में 50 से अधिक बालिकाओं और महिलाओं के समूह को जयपुर पुलिस के ट्रेनर जगह-जगह जाकर ट्रेनिंग दे रहे हैं।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुनीता मीणा ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें आत्म रक्षा हेतु सशक्त बनाने, अपने अधिकारों और कानून के बारे में सजग करने तथा महिला अपराधों में कमी लाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्रों (Mahila Shakti Self Defence Centers) की शुरुआत की है।


पुलिस उपायुक्त मेट्रो प्रीति जैन ने बताया कि स्कूली छात्राओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक अभियान के तहत अब तक पांच सौ से अधिक छात्राओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

आपको बता दें राजस्थान पुलिस के आत्मरक्षा के प्रशिक्षण कार्यक्रम में करौली जिला पहले नंबर पर रहा है। करौली पुलिस ने 947 महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया है। जबकि दूसरे नंबर पर बांसवाड़ा जिला पुलिस ने 664 और तीसरे नंबर पर जयपुर जिला पुलिस रही है। जयपुर जिला पुलिस ने कुल 452 महिलाओं और बालिकाओं को यह प्रशिक्षण दिया है। चौथे नंबर पर रहे चित्तौड़गढ़़ पुलिस ने 250 महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया। जबकि प्रदेश के अन्य जिला पुलिस 200 से कम महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षण दे सकी है।

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