FLASHBACK: जब आनंदपाल की ही तरह दारा सिंह का हुआ था ENCOUNTER, मंत्री राजेंद्र राठौड़ समेत कई पुलिस अफसर गए थे जेल

दारा सिंह-आनंदपाल सिंह एनकाउंटर: दोनों ही एनकाउंटरों के दौरान राजस्थान पुलिस की पीठ भी थपथपाई गई तो इनपर सवाल भी खड़े हुए।

By: nakul

Updated: 13 Mar 2018, 08:20 AM IST

जयपुर।

राजस्थान में हुए दो एनकाउंटर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में सुर्ख़ियों में रहे। इनमें दारा सिंह एनकाउंटर और आनंदपाल सिंह एनकाउंटर शामिल हैं। इन दोनों ही एनकाउंटरों के दौरान राजस्थान पुलिस की पीठ भी थपथपाई गई तो इनपर सवाल भी खड़े हुए।

 

पुलिस द्वारा किये गए इन एनकाउंटरों में कई बातें थीं जो सामान थीं। दारा सिंह और आनंदपाल दोनों ही राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे। उन्हें गिरफ्त में लेना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। कई महीनों तक इन दोनों ने ही पुलिस को खूब छकाया। इन्हें गिरफ्त में लेने के लिए आला अफसरों की कई टीमें गठित की गईं जो इनकी खोजबीन के लिए प्रदेश के बाहर भी डेरा डाले रहीं।


वहीं इन दोनों ही एनकाउंटर्स में सियासी नेताओं के भी नाम जोड़े गए जिससे इनके एनकाउंटर के वक्त प्रदेश की सियासत भी गरमाई रही। दारा सिंह और आनंदपाल दोनों को ही पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर एनकाउंटर किया। इस दौरान उनको पुलिस गोलियों से छलनी कर दिया गया।

 

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ये था द्वारा एनकाउंटर मामला
23 अक्टूबर 2006 को राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने मानसरोवर थाना इलाके में दारा सिंह उर्फ दारिया सिंह को मुठभेड में मार गिराया था। सर्वोच्च न्यायालय ने मृतक दारा सिंह की पत्नी ने मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बताते हुए याचिका दायर की थी। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले की जांच सीबीआई को सौपीं थी।

dara singh encounter

दारिया फर्जी मुठभेड प्रकरण के आरोपी अरशद अली ने नवम्बर में जबकि सुभाष गोदारा, सरदार सिंह, बद्री प्रसाद, जग्गा राम गुर्जर ने गत 25 जुलाई को अदालत में आत्मसमर्पण किया था जबकि शेष अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।

 

इन पुलिस अधिकारियों की हुई थी गिरफ्तारी
आईपीएस अफसर और तत्कालीन आईजी ए. पोन्नूचामी के साथ ही सीबीआई ने अभियुक्त भारतीय पुलिस सेवा के निलम्बित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अरविन्द कुमार जैन, राजस्थान पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अरशद अली, निसार खान, और अन्य पुलिसकर्मी नरेश शर्मा, सत्य नारायण गोदारा, सुरेन्द्र सिंह, चालक सरदार सिंह, बद्री प्रसाद, जग्गा राम गुर्जर और सुभाष गोदारा को न्यायिक हिरासत में लिया था।


इस मामले में ये मंत्री भी जा चुके है जेल
सीबीआई ने 5 अप्रैल 2012 में वर्तमान चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था। ब्यूरो ने राठौड़ को आपराधिक षडयंत्र रचने के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था।

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हालांकि दो महीने जेल में रहने के बाद भाजपा विधायक राजेन्द्र राठौड़ को राहत मिली और जयपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने राठौड़ को आरोप साबित नहीं होने पर दोष मुक्त कर दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जैन ने चार्ज बहस के बाद अपना फैसला सुनाया और कोर्ट ने सीबीआई की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

 

साल 2006 से शुरु हुई कहानी-एनकाउंटर
दरअसल 23 अक्टूबर 2006 को राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने जयपुर के मानसरोवर थाना इलाके में दारा सिंह उर्फ दारिया सिंह को फर्जी मुठभेड में मार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने मृतक दारा सिंह की पत्नी की याचिका पर इस मामले की जांच सीबीआई को सौपीं थी।

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