राज्यपाल पर ऊपर से दबाव, मगर जनता राजभवन घेरने आ गई, तो हमारी जिम्मेदारी नहीं: गहलोत, देखें वीडियो

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विधायकों के साथ राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने के लिए होटल से निकलने से ठीक पहले कहा: हमने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया

By: pushpendra shekhawat

Published: 24 Jul 2020, 06:48 PM IST

समीर शर्मा / जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल से सत्र बुलाने की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। राज्यपाल पर ऊपर से दबाव है। संवैधानिक पद है, शपथ ली हुई है, उम्मीद है कि वे अपनी अंतरआत्मा के आधार पर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल शपथ के आधार पर फैसला करें, वरना पूरे प्रदेश की जनता अगर राजभवन को घेरने के लिए आ गई, तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विधायकों के साथ राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने के लिए होटल से निकलने से ठीक पहले कहा कि हमने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन अब तक राज्यपाल की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। सरकार विधानसभा शुरू करवाना चाहती है, फ्लोर पर कोरोना व राजनीतिक चर्चा होगी, पूरा देश-प्रदेश देखेगा और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। सदन चलाने की साधारण सी प्रक्रिया है, राज्यपाल को आदेश देना ही पड़ता है, रोकने का कोई कारण नहीं है।

ऐसा नाच कभी नहीं देखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है, छापे डलवा रही है। ऐसा नाच कभी नहीं देखा। राजस्थान में तोड़-फोड़ की कोई परम्परा नहीं रही। राजस्थान की जनता व्यथित हैं, दु:खी हैं। उन्होंने कहा कि मैं बार-बार कह रहा हूं, हमारे पास स्पष्ट बहुमत है, हमें कोई दिक्कत नहीं है। हरियाणा में सरकार किसकी है, भाजपा की। ये पूरा खेल भाजपा व उनके नेताओं का है, जैसे उन्होंने कर्नाटक, मध्य प्रदेश में किया था। आप समझ सकते हैं कितने नीचे स्तर पर जाकर राजनीति हो रही है।

pushpendra shekhawat Desk
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