मुख्यमंत्री गहलोत बोले : पायलट कहते थे मैं यहां बैंगन बेचने नहीं आया हूं, सीएम बनने आया हूं, देखें वीडियो

गहलोत का फिर तीखा हमला, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त मामले में कहा: मासूम चेहरे वाले पायलट निकम्मे, नकारा व धोखेबाज हैं, कांग्रेस की पीठ पर छुरा घौंपा, मैंने जब 6 महीने पहले सबको बताया कि सचिन सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं, तो मेरी बात पर किसी ने विश्वास नहीं किया, सचिन के पास इतने महंगे वकील करने के पैसे कहां से आए, मुम्बई के बड़े-बड़े कॉर्पोरेट और भाजपा फंडिंग कर रही है

By: pushpendra shekhawat

Published: 20 Jul 2020, 07:05 PM IST

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट पर सोमवार को काफी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पायलट को कम उम्र में सब कुछ मिल गया, लेकिन मैं हमेशा से जानता था कि मासूम चेहरे वाले पायलट निकम्मे, नाकारा व धोखेबाज हैं। गहलोत ने कहा पायलट संगठन की दृष्टि से कोई काम नहीं करते थे, सिर्फ लोगों को लड़वा रहे थे। पायलट विधायकों से कहते थे मेरे साथ हो या नहीं। मैं यहां बैंगन बेचने नहीं आया हूं, मैं यहां कोई सब्जी बेचने नहीं आया हूं, मैं मुख्यमंत्री बनने आया हूं। तय कर लो कल तो तुम अशोक गहलोत के घर खड़े थे। परसों तुम एआइसीसी में सीपी जोशी के कमरे के बाहर खड़े थे। मैं कैसे तुम्हारे ऊपर विश्वास करूं? सीएम ने कहा, इस लैंग्वेज में वो 7 साल निकाले हैं।


मुख्यमंत्री ने दिल्ली रोड स्थित होटल के नजदीक पत्रकारों से कहा कि सचिन के पास इतने महंगे वकील करने के पैसे कहां से आए, मुम्बई के बड़े-बड़े कॉर्पोरेट और भाजपा की ओर से फंडिंग भी की जा रही है। वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी 50-50 लाख रुपए की फीस लेते हैं।

ये भी कहा
- पायलट पूरी सुरक्षा छोड़ कर चुपचाप दिल्ली अपनी कार खुद चला कर जाते थे। उसी तरीके से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी दिल्ली गए और अगले दिन वापस जयपुर आकर झूठ बोले कि वे दिल्ली नहीं गए।

- 7 साल में एक बार भी पायलट के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की बात नहीं की। जबकि हम जानते थे कि वो निकम्मा है, नकारा है, कुछ काम नहीं कर रहा है। खाली लोगों को लड़वा रहा है।

- कांग्रेस ने कम उम्र में ही उन्हें ऊचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन पिछले छह महीने से वे भाजपा के साथ मिलकर सरकार गिराने की साजिश रच रहे थे।

- सचिन पायलट ने बहुत गंदा खेल खेला है। पायलट पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूरा विश्वास था, लेकिन खरे नहीं उतरे। उनसे उम्मीद थी कि कांग्रेस के एसेट्स साबित होंगे।

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