एंट्री के साथ ही नौकरशाही पर उबले बसपा विधायक, एक मंत्री को बताया बिना हैसियत वाला 'बेचारा'

कांग्रेस में एंट्री के साथ ही विधायकों ने प्रदेश की नौकरशाही पर उठाए सवाल, विधायक गुढ़ा ने सुभाष गर्ग को बताया बेचारा, सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद भरा सदस्यता फॉर्म

विवेक श्रीवास्तव / नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) से मिलने के चंद मिनट बाद ही बसपा से कांग्रेस में शामिल विधायकों ने प्रदेश की नौकरशाही पर हमला बोलते हुए उसे बेलगाम बताया है। इससे पहले प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री भी ब्यूरोक्रेसी ( Bureaucracy ) पर सवाल खड़े कर चुके हैं। नदबई से विधायक जोगिंदर सिंह अवाना और नगर से विधायक वाजिब अली ने भरतपुर कलेक्टर नथमल डिडेल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय को की है।

अवाना ने कहा कि टोल टैक्स पर अवैध वसूली की शिकायत कलेक्टर नथमल डिडेल और आरटीओ को दी थी, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय शिकायत को ही कलेक्टर की और से झूठा करार दे दिया गया। उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में भाजपा सरकार के समय के कई अफसर आज भी मलाईदार पदों पर लगे हुए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) से भी मिलकर बात करेंगे।

विधायकों ने सोनिया से की मुलाकात
राजस्थान में बसपा के 6 विधायकों ने शुक्रवार सोनिया गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस की आधिकारिक सदस्यता हासिल कर ली है। विधायकों ने पिछले वर्ष 17 सितंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया था। उस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) को विश्वास में नहीं लिया गया था, जिसके चलते इनकी आधिकारिक ज्वॉइनिंग नहीं हो पाई थी। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस मुख्यालय में विधायकों से सदस्यता फॉर्म भरवाया गया और अविनाश पांडे ( Avinash Pandey ) ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। हालांकि सदस्यता फॉर्म में तारीख 17 सितंबर 2019 ही लिखी गई।

गुढ़ा ने सुभाष गर्ग को बताया बेचारा
बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को सोनिया गांधी से मिलाने के लिए राज्य मंत्री सुभाष गर्ग के लाने के सवाल पर उदयपुरवाटी से विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने गर्ग पर हल्की टिप्पणी कर दी। गुढा ने कहा कि सुभाष गर्ग की कोई हैसियत नहीं है, वो तो स्वयं बेचारे हैं।

बिना किसी शर्त समर्थन देने का वायदा
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी व महासचिव अविनाश पांडे ने बताया कि बसपा के विधायकों ने 17 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष की सहमति के बाद पार्टी में शमिल होने का फैसला किया था। विधायकों ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर पार्टी की नीतियों में बिना किसी शर्त समर्थन देने का वायदा किया है। इनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। विधायक कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हुए रहे हैं।

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