राजस्थान: राम मंदिर लैंड डील पर Ashok Gehlot V/S Satish Poonia, जानें कैसे गरमाई सियासत

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट पर ज़मीन खरीद-फरोख्त में कथित घोटाला मामला, राजस्थान की सियासत में भी आया उबाल, कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, सीएम गहलोत ने पहले किया ‘वार’, फिर सतीश पूनियां ने किया ‘पलटवार’, गहलोत ने राज्य सरकार के सहयोग का ज़िक्र कर जताई चिंता, पूनियां ने कांग्रेस के आरोपों को बताया पुरानी फितरत, दोनों नेताओं के बीच ‘ट्वीट वार’ से गर्माया सियासी पारा

 

By: Nakul Devarshi

Published: 15 Jun 2021, 12:28 PM IST

जयपुर।

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा मंदिर की ज़मीन खरीद-फरोख्त में कथित घोटाले के मामले ने प्रदेश की सियासत का पारा भी गरमा दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आरोप-प्रत्यारोपों ने अब प्रदेश स्तर पर भी कांग्रेस और भाजपा को आमने-सामने कर दिया है। दोनों दल एक-दूसरे पर वार-पलटवार करने में लगे हैं। सोमवार का दिन निकलते-निकलते जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक ट्वीट में भाजपा पर तीखा बयानी हमला बोला, तो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने भी जवाबी पलटवार करने में देर नहीं लगाई। गहलोत-पूनियां के बीच चले इस ‘ट्वीट वार’ ने प्रदेश के सियासी पारे में उबाल ला दिया है।


सोचा ना था पवित्र काम में घोटाला होगा: गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि इस पावन कार्य में मंदिर निर्माण ट्रस्ट ने आर्थिक हेर-फेर की अनैतिक गतिविधियां करके देशभर के श्रद्धालुओं को आहत किया है। कोई सोच नहीं सकता था कि मन्दिर निर्माण जैसे पवित्र काम में भी लोग घोटाले करने लगेंगे।

 

गहलोत ने कहा कि राजस्थान की जनता ने आस्था के साथ राम मंदिर निर्माण में देशभर में सर्वाधिक योगदान दिया था लेकिन निर्माण कार्य की शुरुआत में ही चन्दे के गबन की खबरों से आमजन की आस्था डिग गई है। कोई विश्वास नहीं कर पा रहा है कि मिनटों में कैसे जमीन का दाम 2 करोड़ रुपये से 18 करोड़ रुपये हो गया।

 

हमने पत्थर खनन को वैधता दिलाई थी
सीएम गहलोत ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर निर्माण में राज्य सरकार की भूमिका का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पहले प्रदेश के बंशी पहाड़पुर क्षेत्र से अवैध खनन कर गुलाबी पत्थर भेजा जा रहा था। राज्य सरकार ने इस पावन कार्य में अवैध तरीके से निकाले जा रहे पत्थर के खनन को भारत सरकार से वैधता दिलवाई जिसका हमें संतोष है।

 

जांच हो, दोषियों को सज़ा मिले
मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्र सरकार से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि खरीद-फरोख्त में हुई कथित धांधली की जांच करवाने की अपील की। उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य में लोगों की आस्था एवं विश्वास के साथ खिलवाड़ करने के दोषियों को सख्त सज़ा दिलाये जाने की भी पैरवी की।


आरोप लगाने की कांग्रेस की पुरानी फितरत: पूनियां
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया पर जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता का प्रभु राम में अटूट विश्वास है। आपके आलाकमान ने तो प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बनने से रोकने के लिए वकीलों की फौज खड़ी कर दी थी।

 

पूनियां ने कहा कि आरोप लगाकर गायब होना, फिर मानहानि का मुकदमा होने पर माफी मांगना, राम मंदिर चंदे के गबन का आरोप लगाने वालों की पुरानी फितरत है। इस मामले पर राजनीति करने वालों को शीघ्र जवाब मिलेगा, लेकिन राजस्थान की जनता ने सर्वाधिक दान देकर जो विश्वास जताया है वह कभी नहीं टूटेगा।

 

दुष्प्रचार कर लें, पर मंदिर निर्माण पूरा होगा : राठौड़

विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की। उन्होंने एक ट्वीट में मुख्यमंत्री गहलोत को संबोधित करते हुए कहा, 'दुर्भाग्य है कि आप राजनीतिक रूप से प्रचारित की जा रही खबरों पर विश्वास कर रहे हैं। भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने वाली कांग्रेस पार्टी चाहे कितने भी दुष्प्रचार कर लें लेकिन राम मंदिर निर्माण का कार्य शीघ्र ही पूर्ण होकर रहेगा।'

 

राठौड़ ने कहा कि ये वो ही शक्तियां हैं जिन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम व रामसेतु के अस्तित्व को नकार कर करोड़ों देशवासियों की धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने का काम किया था। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने तो उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र देकर प्रभु श्री राम को कपोल कल्पित भी बताया था।

 

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