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Rajasthan power crisis कोयले की रोजाना 2.7 रैक का रास्ता साफ

बिजली सकंट (Rajasthan power crisis) के दौर में एक और राहत की खबर है, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम (Rajasthan Electricity Generation Corporation) को छत्तीसगढ़ के सरगुजा स्थित परसा कोल ब्लॉक (Parsa coal block) में खनन कार्य शुरू (Mining work start) करने के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से क्लियरेंस मिल गई है। इसके साथ ही इस नए ब्लॉक में खनन कार्य शुरू करने में आ रही बाधा भी दूर हो गई है।

जयपुर

Published: October 22, 2021 06:45:24 pm

Rajasthan power crisis कोयले की रोजाना 2.7 रैक का रास्ता साफ
— परसा कोल ब्लॉक के लिए केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से मिली स्वीकृति
- जल्द शुरू होगा कोयले का उत्पादन


जयपुर। बिजली सकंट (Rajasthan power crisis) के दौर में एक और राहत की खबर है, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम (Rajasthan Electricity Generation Corporation) को छत्तीसगढ़ के सरगुजा स्थित परसा कोल ब्लॉक (Parsa coal block) में खनन कार्य शुरू (Mining work start) करने के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से क्लियरेंस मिल गई है। इसके साथ ही इस नए ब्लॉक में खनन कार्य शुरू करने में आ रही बाधा भी दूर हो गई है। अब प्रदेश के तापीय विद्युतगृहों के लिए अतिरिक्त कोयला मिलने लगेगा।
Rajasthan power crisis कोयले की रोजाना 2.7 रैक का रास्ता साफ
Rajasthan power crisis कोयले की रोजाना 2.7 रैक का रास्ता साफ
ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी कल्ला ने अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर जल्दी से जल्दी इस नए ब्लॉक में कोयले का उत्पादन शुरु करने के निर्देश दिए है। मंत्री कल्ला ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम को 841.538 हैक्टेयर क्षेत्र का छत्तीसगढ़ के सरगुजा परसा कोल ब्लॉक 2015 में आवंटित किया गया था। लंबे समय से केन्द्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग की स्वीकृति नहीं मिलने से कोयले का उत्पादन शुरु नहीं हो पा रहा था। अब केन्द्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है।
सालाना एक हजार रैक मिलने की उम्मीद...
अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि 841 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र के इस ब्लॉक से कोयले का उत्पादन आरंभ होने पर राज्य को प्रतिदिन करीब 2.7 रैक कोयले की मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि एक मोटे अनुमान के अनुसार इस ब्लॉक में 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष कोयले का उत्पादन होने की संभावना है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एक मोटे अनुमान के अनुसार इस नए ब्लॉक से सालाना एक हजार रैक मिलने की संभावना है, वहीं इस कोल ब्लॉक में 30 साल में 150 मिलियन टन कोयले का भण्डार होने की संभावना है।
परसा कांता बेसिन के दूसरे फैज की स्वीकृति बाकी...
अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों दिल्ली यात्रा के दौरान वन, पर्यावरण व जलवायु मंत्रालय के सचिव आरपी गुप्ता से चर्चा के दौरान राज्य सरकार के परसा कांटा बेसिन फेज दो के 1136 हैक्टेयर क्षेत्र एवं परसा कोल ब्लॉक 841 हैक्टेयर क्षेत्र के लिए स्वीकृति शीघ्र जारी करने पर चर्चा की गई और परसा कोल ब्लॉक की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि परसा कांता बेसिन के दूसरे फैज की भी स्वीकृति जल्दी ही मिलने की संभावना है। मंत्री डॉ. कल्ला ने बताया कि केन्द्र सरकार पर परसा कांता बेसिन के दूसरे चरण के 1136 हैक्टेयर के वन भूमि में वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग से स्वीकृति के लिए भी दबाव बनाए हुए हैं और जल्दी ही क्लियरेंस मिलने की उम्मीद है।

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