scriptRajasthan's soap and detergent industry on ventilator | Soap and detergent industry: राजस्थान की सोप व डिटर्जेंट इंडस्ट्री वेंटीलेटर पर | Patrika News

Soap and detergent industry: राजस्थान की सोप व डिटर्जेंट इंडस्ट्री वेंटीलेटर पर

नॉन एडिबल ऑयल ( non-edible oil ) का बाजार काफी तेज बना हुआ है, जिसके चलते राजस्थान में सोप व डिटर्जेंट इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। नॉन एडिबल ऑयल समेत इंडस्ट्री से जुड़े सभी रॉ-मेटेरियल के दाम एकतरफा तेजी देखने को मिल रही है।

जयपुर

Updated: March 31, 2022 04:33:41 pm

नॉन एडिबल ऑयल का बाजार काफी तेज बना हुआ है, जिसके चलते राजस्थान में सोप व डिटर्जेंट इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। नॉन एडिबल ऑयल समेत इंडस्ट्री से जुड़े सभी रॉ-मेटेरियल के दाम एकतरफा तेजी देखने को मिल रही है, जिसके कारण राजस्थान में सोप व डिटर्जेंट की सैंकड़ों युनिट्स में या तो उत्पादन बाधित हो गया है या फिर कई पूर्ण रूप से बंद हो गई है। राजस्थान साबुन निर्माता संघ के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश सोमानी का कहना है कि क्रूड पॉम ऑयल (सीपीओ) का इंटरनेशनल मार्केट तेज होने, ब्राजील में सोया की क्रॉप कम होने के साथ मलेशिया व इंडोनेशिया में पाम ऑयल का स्टॉक घटने के कारण नॉन एडिबल ऑयल के दामों में जोरदार वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर सोप एंड डिटर्जेंट इंडस्ट्रीज पर दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल की दाम दिनोंदिन बढ़ने की वजह से महंगाई तेजी से अपने पैर पसार रही है। साबुन इंडस्ट्री में नॉन एडिबल ऑयल का काफी उपयोग होता है। पहले के मुकाबले नॉन एडिबल ऑयल की कीमतें लगभग दोगुनी से अधिक हो गई हैं। इसी तरह अन्य उत्पादों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। डिमांड और सप्लाई का गणित भी फेल हुआ है। इससे इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन भी बाधित हुआ है।
Soap and detergent industry: राजस्थान की सोप व डिटर्जेंट इंडस्ट्री वेंटीलेटर पर
Soap and detergent industry: राजस्थान की सोप व डिटर्जेंट इंडस्ट्री वेंटीलेटर पर
जीएसटी कानून से पूर्व राजस्थान में करीब 2000 इंडस्ट्री कार्यरत थी। जीएसटी टैक्स लागू होने के बाद 500 इकाइयां बंद हो गई थी। राजस्थान में फिलहाल 700 से 800 युनिट्स चल रही है। उद्यमियों का मार्केट में पैसा रूका पड़ा है। बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए है, जिस कारण सरकार को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। वर्तमान में साबुन, डिटर्जेंट व डिश वॉश आदि प्रोडक्ट्स पर 18 फीसदी जीएसटी वसूला जा रहा है, जिसमें कटौती कर साबुन इंडस्ट्री से जुड़े प्रोडक्ट को 5 फीसदी जीएसटी के स्लैब में शामिल करने की आवश्यकता है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र का सियासी संकट जल्द खत्म होने के आसार कम! सदस्यता को लेकर बागी विधायक कर सकते है कोर्ट का रुखMaharashtra Political Crisis: संजय राउत ने बागी विधायकों पर फिर साधा निशाना, ट्वीट कर कही ये बड़ी बातMaharashtra Political Crisis: वडोदरा में आधी रात को देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच हुई थी मुलाकात, सुबह पहुंचे गुवाहाटीBy-Elections 2022: तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आजमेरे पास ममता बनर्जी को मनाने की ताकत नहीं: अमित शाहMumbai News Live Updates: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, कोविड के कारण थे एडमिटपंजाब: भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार IAS के बेटे ने खुद को गोली मारी, अधिकारी की पत्नी ने विजिलेंस टीम पर लगाया हत्या का आरोपMann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 'मन की बात' कार्यक्रम को करेंगे संबोधित
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.