Rajasthan School of Arts: प्रेक्टिकल का किया बहिष्कार , लिखित आश्वासन का इंतजार


धरना स्थल पर पहुंचे कॉलेज शिक्षा आयुक्त
आयुक्त संदेश नायक से हुई राजस्थान स्कूल ऑफ आट्र्स के स्टूडेंट्स की वार्ता
आयुक्त ने दिया मांगों को पूरा किए जाने का आश्वासन
लिखित आश्वासन के इंतजार में स्टूडेंट्स
लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही समाप्त करेंगे धरना
अब सोमवार को फिर से होगी आयुक्त से वार्ता

By: Rakhi Hajela

Updated: 03 Apr 2021, 07:54 PM IST

Rajasthan school of arts से तीन शिक्षकों को हटाए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत स्टूडेंट्स को अब इंतजार है लिखित आश्वासन का, जो उन्हें सोमवार को कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय (College education commissioner) से मिल सकता है। यदि लिखित में आश्वासन मिलता है तो स्टूडेंट्स आंदोलन समाप्त कर देंगे अन्यथा उनका आंदोलन जारी रहेगा। इससे पूर्व शनिवार सुबह इन स्टूडेंट्स के प्रेक्टिकल (Practical) शुरू हुए जिनका अधिकांश विद्यार्थियों ने बहिष्कार किया। कुछ विद्यार्थियों ने प्रायोगिक परीक्षा दी। हालांकि विद्यार्थियों का कहना था कि जो विद्यार्थी प्रेक्टिकल दे रहे हैं उन्हें जबरन दबाब बनाकर प्रेक्टिकल दिलवाया गया है।
शनिवार को Rajasthan school of arts में स्टूडेंट्स की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हुईं लेकिन अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत विद्यार्थियों ने परीक्षा में शामिल होने से इंकार कर दिया और अपनी पेंटिंग्स कॉलेज परिसर के मुख्यद्वार के आसपास बिछा दी जिससे कॉलेज स्टाफ अंदर नहीं जा सके। सुबह जब स्टाफ यहां पहुंचा तो पेंटिंग बिछी होने के कारण उन्हें घूमकर दूसरे रास्ते से अंदर जाना पड़ा। विद्यार्थियों के इस कदम से वहां हंगामा खड़ा हो गया और मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। आंदोलनरत विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत विद्यार्थियों पर कॉलेज प्रशासन दबाब बनाने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि आज जब वह यहां पहुंचे तो कॉलेज प्रशासन जबरन कुछ स्टूडेंट्स को पकड़ कर प्रायोगिक परीक्षा दिलवाने के लिए ले गया। तकरीबन 14 से 18 स्टूडेंट्स प्रायोगिक परीक्षा में शामिल हुए हैं लेकिन उन्हें दबाब डालकर परीक्षा दिलवाई जा रही है। पुलिस को बुलवाकर हमारी पेंटिंग्स धरने से हटवाई गई हैं। इन विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि एक छात्रा के साथ कॉलेज स्टाफ ने मारपीट करने का भी प्रयास किया।
जेकेके में दिया धरना
विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि कॉलेज प्रशासन और पुलिस के दबाब को देखते हुए उन्हें कॉलेज परिसर से जाना पड़ा और सभी ने जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में धरना दिया, उनका कहना था कि यदि हम वहां रहते तो हमें भी जबरन पकड़ कर प्रायोगिक परीक्षा में शामिल करने का प्रयास किया जाता। कॉलेज प्रशासन ने मौके पर पुलिस भी बुलवा ली थी। ऐसे में मजबूरन हमें वहा से निकलना पड़ा। हालांकि कुछ समय बाद विद्यार्थी वापस कॉलेज आ गए।
कॉलेज आयुक्त पंहुचे मौके पर
पिछले 14 दिन से आंदोलनरत इन विद्यार्थियों से मिलने पर आज कॅालेज आयुक्त संदेश नायक भी पहुंचे और विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। विद्यार्थियों का कहना था कि आयुक्त के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही है लेकिन हमें अभी लिखित में कुछ नहीं मिला है। सोमवार को एक बार फिर आयुक्त से वार्ता होगी यदि तब हमारी मांगों को लेकर लिखित में आश्वासन दिया जाता है तो आंदोलन समाप्त हो जाएगा।

इनका कहना है,
पिछले 14 दिन से हम धरना दे रहे हैं। हमारी मांग जायज हैं इसलिए हम आंदोलन कर रहे हैं। प्रिंसिपल और स्टाफ की तरफ से परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर स्टूडेंट्स पर दबाब बनाया जा रहा है। आज भी ऐसा ही हो रहा था जब मैंने इसका वीडियो बनाने की कोशिश की तो सह आचार्य डॉ.मोहन लाल मीना मुझ पर हाथ उठाया और फोन छीनने की कोशिश की।
महिमा चौधरी, छात्रा
कॉलेज आयुक्त संदेश नायक से हमारे प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई है। वार्ता सकारात्मक हुई है, सोमवार को लिखित आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है। यदि ऐसा होता है तो हम आंदोलन समाप्त कर देंगे।
पिछले 14 दिन से धरना दे रहे हैं लेकिन हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा फिर हमने से निर्णय लिया कि हम प्रायोगिक परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। आज भी हम प्रायोगिक परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे थे और रोज की तरह धरना देने कॉलेज पहुंचे थे लेकिन वहां पुलिसबल की मदद से कुछ विद्यार्थियों को जबरन प्रायोगिक परीक्षा में शामिल किया गया।
नितिन, छात्र
कॉलेज में प्रायोगिक परीक्षा चल रही हैं। बच्चे स्कूल में परीक्षा देने आ रहे हैं। मेरे पास प्रायोगिक परीक्षा के बहिष्कार की कोई सूचना नहीं है।
डॉ.आशा बागोडिया प्रिंसिपल

Rajasthan School Of Arts


बच्चों से हमारी बात हुई है। विषय से संबंधित उनकी जो भी समस्या है उसे विद्या संबलन योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी लगाकर उनकी समस्याओं को दूर किया जाएगा। एक सप्ताह में हम गेस्ट फैकल्टी लगा देंगे। हमने विद्यार्थियों से ही इस संबंध में सुझाव मांगे हैं। जहां तक प्रायोगिक परीक्षा की बात है जो आज कुछ स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए तो कुछ ने परीक्षा नहीं दी है। जहां तक योग्य फैकल्टी को लेकर उनकी डिमांड है तो इस संबंध में सरकार ही तय करेगी कि क्या करना है।
सोमित्र झा, रजिस्ट्रार

Rakhi Hajela Desk
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