'अतिथि देवो भव:', फिर भी सुरक्षा को लेकर क्यूं चिंतित नहीं सरकार

SAVITA VYAS | Publish: Sep, 05 2018 01:51:53 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

हर साल लाखों पर्यटक आ रहे हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पर्यटन विभाग सहित जिम्मेदार अधिकारियों में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर फिक्र नजर नहीं आ रही है।

जयपुर. पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ विदेशी सैलानियों का राज्य में आना शुरू हो गया है। हर साल लाखों पर्यटक आ रहे हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन पर्यटन विभाग सहित जिम्मेदार अधिकारियों में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर फिक्र नजर नहीं आ रही। पुलिस सहायता बल (टैफ) की संख्या दिन-ब-दिन कम हो रही है। पर्यटन थाना पुलिस से भी आपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है।
वर्ष 2013 में राज्यभर में 31 करोड़ से अधिक पर्यटक आए। मार्च 2017 तक यह संख्या बढ़कर 47 करोड़ के पार हो गई। यानी डेढ़ गुना से भी अधिक सैलानी पांच साल में बढ़े। जबकि इनकी सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस सहायता बल के जवानों की संख्या लगातार कम होती गई। वर्ष 2011 में 250 स्वीकृत पद थे, जो घटकर 139 रह गए हैं। पर्यटन विभाग ने टैफ में पद कम करने के पीछे पर्यटन थाना खोलने की बात कही थी लेकिन अब तक इस ओर कोई कदम नहीं बढ़ाया गया है।
बीते ५ साल में सैलानियों की संख्या 5 से 15 फीसदी तक बढ़ी है। इसके साथ ही अपराध भी बढ़े हैं। जयपुर और उदयपुर के पर्यटन थानों में केसों का बढ़ता ग्राफ चिंता बढ़ा रहा है। दोनों थानों में एक हजार से अधिक केस दर्ज हुए हैं। वहीं 1200 से अधिक लपकों को पकड़ा गया है। बीते एक माह में ही टैफ ने 30 से अधिक लपकों को पकड़ा है।

गुलाबीनगर में पर्यटक सीजन में देसी ही नहीं विदेशी सैलानी भी यहां पहुंचते हैं। यहीं कारण है कि अल्बर्ट हॉल से लेकर आमेर महल तक की खूबसूरती को निहारने के लिए पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती हैं। यहां के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। सैलानी यहां आकर न सिर्फ विरासत को निहारते हैं, बल्कि परकोटे के बाजारों में शॉपिंग का भी मजा उठाते हैं। रंग—बिरंगी कटपूतली हो या फिर कुंदन मीना से बनी ज्वैलरी, यहां की हस्तनिर्मित वस्तुएं पर्यटक अपने साथ ले जाने नहीं भूलते हैं।

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