राज्य कर्मचारियों के किराया भत्ते को लेकर सीएम का बड़ा ऐलान, राहत के लिए केंद्र को भी लिखा पत्र

अब ये मिलेगा राज्य के कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता

By: Sameer Sharma

Published: 21 Jul 2021, 11:20 PM IST

राज्य कर्मचारियों का मकान किराया भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के कर्मचारियों के मकान किराए भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी। अब राज्य कर्मचारियों को ‘वाई’ श्रेणी के शहरों में मकान किराए भत्ते को 16 प्रतिशत की जगह 18, ‘जेड’ श्रेणी के शहरों में 8 प्रतिशत की जगह 9 प्रतिशत मिलेगा। इस भत्ते में ये बढ़ोतरी गत 1 जुलाई लागू होगी। राज्य सरकार इस पर 400 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय भार वहन करेगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत किया गया। राज्य सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार महंगाई भत्ते की दर के 25 प्रतिशत की सीमा से अधिक होने पर मकान किराए भत्ते में वृद्धि की है।

बढ़ी जनसंख्या के आधार पर हो एनएफएसए के लाभार्थियों का निर्धारण

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोविड-19 की विषम परिस्थितियों के कारण भी लोगों की आजीविका पर विपरीत असर पड़ा है और उन्हें भी खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण वर्ष 2021 में होने वाली देश की जनगणना में देरी होगी। ऐसे में खाद्य सुरक्षा के दायरे में आने वाले पात्र व्यक्तियों की संख्या के पुनर्निर्धारण में भी विलंब होने की आशंका है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि लाभार्थियों के नाम जोड़े जाने के लिए वर्तमान में बंद की हुई अपीलीय प्रक्रिया को पुनः शुरू कराया जाए।

अशोक गहलोत ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थियों की सीमा को वर्तमान जनसंख्या के आधार पर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बीते 10 वर्षों में देश के सभी राज्यों की जनसंख्या बढ़ी है और कई परिवार खाद्य सुरक्षा की पात्रता के दायरे में आ गए हैं। उन्होंने लिखा कि राज्य में खाद्य सुरक्षा के तहत भारत सरकार द्वारा 2011 की जनगणना के आधार पर 4 करोड़ 46 लाख व्यक्तियों की सीमा (सीलिंग) निर्धारित की गई है। इन लाभार्थियों के लिए प्रति माह 2 लाख 30 हजार 882 मीट्रिक टन खाद्यान्न का आवंटन किया जा रहा है। बीते 10 वर्षों में बड़ी संख्या में परिवार एनएफएसए के पात्र हो गए हैं। कोविड में आजीविका पर प्रभाव का हवाला देते हुए गहलोत ने आग्रह किया है कि वर्ष 2021 की प्रदेश की 8 करोड़ की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर भारत सरकार राज्य में लगभग 74 लाख अतिरिक्त व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करे।

गहलोत ने अनुरोध किया है कि वर्तमान सीलिंग सीमा में ही अन्य वंचित पात्र वर्ग के 5 प्रतिशत लाभार्थियों के नाम जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाए। इन 5 प्रतिशत वंचित वर्ग के लोगों में कोरोना से पीड़ित असहाय, एकल महिला, दिव्यांग, गंभीर बीमारी जैसे सिलकोसिस आदि से पीड़ित तथा अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को शामिल किया जा सकता है।

Sameer Sharma
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