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विवाद- रूसा के पैसे खर्च करने के लिए विवि ने सेवानिवृत शिक्षिका को बनाया पीआई

राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में रूसा फंड में खर्च किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय को रूसा से 37 करोड़ रुपए का फंड मिला है।

जयपुर

Published: December 07, 2021 09:56:45 pm

रूसा के पैसे खर्च करने के लिए विवि ने सेवानिवृत शिक्षिका को बनाया पीआई
विवाद शुरू, मनोविज्ञान विभाग का मामला
विभागाध्यक्ष ने कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग से की शिकायत

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में रूसा फंड में खर्च किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय को रूसा से 37 करोड़ रुपए का फंड मिला है। इस फंड से विश्वविद्यालय के 19 विभागों में विभिन्न विकास कार्य किए जाने हैं। रूसा फंड में विवि के मनोविज्ञान विभाग को भी 97.50 लाख रुपए मिले हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बजट को खर्च करने के लिए छह महीने पहले सेवानिवृत हो चुकी मनोविज्ञान विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मधु जैन को प्रिंसिपल इंनवेस्टमेंट यानी पीआई बना दिया और उनके नाम से 30 नवंबर को विज्ञप्ति जारी कर दी। इसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया।
मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो.़ मुक्ता सिंघवी ने सेवानिवृत शिक्षिका डॉ. मधु जैन को रूसा फंड की पीआई बनाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसकी शिकायत कुलपति, रजिस्ट्रारए उच्च शिक्षा विभाग में की है। मुक्ता सिंघवी जल्द ही इसकी शिकायत राज्यपाल से भी करने वाली हैं। उनका कहना है कि वर्तमान विभागाध्यक्ष ही रूसा फंड की पीआई होती है या फिर किसी सैंकड इंचार्ज को भी पीआई बनाया जाता है तो भी विभागाध्यक्ष ही इस पैसे को खर्च करने के लिए सर्वेसर्वा होती है।
विवाद- रूसा के पैसे खर्च करने के लिए विवि ने सेवानिवृत शिक्षिका को बनाया पीआई
विवाद- रूसा के पैसे खर्च करने के लिए विवि ने सेवानिवृत शिक्षिका को बनाया पीआई
जरूरतमंद बच्चों को बांटे कोरोना सेफ्टी किट

जयपुर। बच्चों में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए पाठशाला ट्रस्ट की ओर से जरूरतमंद बच्चों को कोरोना सेफ्टी किट वितरित किए गए। कठपुतली नगर कच्ची बस्ती में रहने वाले करीब 150 बच्चों को ये किट बांटे गए। जिनमें मास्क, सैनेटाइजर, साबुन, टूथब्रश और पेस्ट शामिल किए गए। शहर के एजुकेशनिस्ट राहुल सिंघी, युवा व्यवसायी आयुष अग्रवाल और एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर मुकेश कुमार गर्ग के सहयोग से संस्थान ने किट बांटे।
इस अवसर पर पाठशाला ट्रस्ट के समन्वयक अभिषेक गुप्ता ने अतिथियों को बताया कि संस्थान की ओर से आसपास के गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है और उनके लिए समय समय पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। पाठशाला की ट्रेजरर मोहिनी शर्मा ने जयपुर को बाल मजदूरी से मुक्त करवाने की दिशा में संस्थान के प्रयासों और उपलब्धियों के बारे में बताया।

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