छात्रसंघ चुनाव Result 2018: ABVP और NSUI को बड़ा झटका, विनोद जाखड़ बने आरयू के अध्यक्ष

छात्रसंघ चुनाव Result 2018: ABVP और NSUI को बड़ा झटका, विनोद जाखड़ बने आरयू के अध्यक्ष

kamlesh sharma | Publish: Sep, 11 2018 03:40:13 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अपेक्स अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी और एनएसयूआई को बड़ा झटका लगा है। एनएसयूआई से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े विनोद जाखड़ ने 1860 वोट से शानदार जीत हासिल की है।

यह लगातार तीसरी बार होगा जब निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष बना हैं। पिछले वर्ष एबीवीपी के बागी होकर चुनाव में उतरे पवन यादव ने जीत दर्ज की थी। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी रेणु चौधरी ने बाजी मारी हैं। महासचिव पद पर आदित्य और संयुक्त सचिव एबीवीपी की मीना शर्मा जीत दर्ज की हैं।

जीत का जश्न
निर्दलीय प्रत्याशी विनोद जाखड़ की जीत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में ख़ुशी की लहार दौड़ गई। सभी ने एक दूसरे का मुंह मीठा कर जीत की बधाई दी दी। जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि छात्रहित से जुड़े तमाम तरह के कदम उठाना उनकी प्राथमिकता में रहेगी।

ऐसे रहे 5 साल के चुनाव परिणाम
राजस्थान के प्रमुख 8 विश्वविद्यालयों के 5 साल के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो अब तक 14 अध्यक्ष एबीवीपी के बने तो, इतनी ही बार एनएसयूआइ ने कब्जा जमाया। इसके अलावा कई मौकों पर एसएफआइ, निर्दलीय व अन्य संगठन ने बाजी मारी। लेकिन इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह चुनाव परिणाम ज्यादा महत्व रखते हैं।

विश्वविद्यालयों में अब तक मुख्य रूप से एबीवीपी व एनएसयूआइ के प्रत्याशियों में ही मुकाबला रहा है। जहां भी निर्दलीय चुनाव जीते हैं। वे मुख्य रूप से इन्हीं दोनों दलों के बागी रहे हैं। टिकट नहीं मिलने पर कई मौकों पर निर्दलीय चुनाव लड़कर उम्मीदवार जीते हैं। ऐसा राजस्थान विश्वविद्यालय में कई बार हो चुका है। पिछले पांच वर्ष में आठ विश्वविद्यालयों में 40 अध्यक्ष चुने गए हैं।

इनमें से 14 एबीवीपी, 14 एनएसयूआइ और 12 अध्यक्ष तीसरे मोर्चे या फिर निर्दलीय रहे हैं। इस साल विधानसभा चुनाव होने के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों की नजर विशेष रूप से विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों पर रही। दोनों ही दलों के बड़े नेताओं ने अपने संगठन के प्रत्याशियों को जिताने के लिए बाहरी रूप से भी अंदरखाने मदद की।

यहां एनएसयूआइ रही हावी
राज्य के आठ विश्वविद्यालयों के चुनावी गणित को देखें तो तीन में एबीवीपी का दबदबा रहा। इनमें कोटा विवि में पांच साल में चार साल एबीवीपी के अध्यक्ष चुनाव जीते। इसी प्रकार बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विवि व जोधपुर के जयनारायण व्यास विवि में पांच में तीन-तीन अध्यक्ष एबीवीपी के रहे हैं। उदयपुर संभाग में एनएसयूआइ को बढ़त मिली है। महाराणा प्रताप कृषि प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी विवि में पांच साल में चार बार अध्यक्ष एनएसयूआइ के बने हैं।

राजस्थान विवि, जयपुर
2013 एबीवीपी
2014 एनएसयूआइ
2015 एनएसयूआइ
2016 निर्दलीय
2017 निर्दलीय

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