विधायक बोले—तीन संतान होने पर नहीं मिले एमपी—एमएलए का टिकट

विधान सभा में सोमवार को निरोगी राजस्थान नीति पर चर्चा चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेते हुए पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधनों पर चिंता व्यक्त की। चर्चा के दौरान विधायकों ने कहा कि यह सही है कि सरकार निरोगी राजस्थान नीति के जरिए प्रदेश को स्वस्थ्य बनाने की कवायद में जुटी है।

By: PUNEET SHARMA

Published: 18 Feb 2020, 10:58 AM IST

विधायक बोले—तीन संतान होने पर नहीं मिले एमपी—एमएलए का टिकट

विधान सभा में सोमवार को निरोगी राजस्थान नीति पर चर्चा चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेते हुए पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधनों पर चिंता व्यक्त की। चर्चा के दौरान विधायकों ने कहा कि यह सही है कि सरकार निरोगी राजस्थान नीति के जरिए प्रदेश को स्वस्थ्य बनाने की कवायद में जुटी है। लेकिन इससे पहले सबसे ज्यादा जरूरी है कि जनसंख्या नियंत्रण पर भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। विधायकों ने यहां तक कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए लोकसभा और विधानसभा सभा चुनाव में भी दो बच्चों की बाध्यता लागू हो।
लोकसभा- विधान सभा में दो बच्चो की बाध्यता हो
निरोगी राजस्थान नीति पर बोलते हुए विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि समय समय पर अनेक लोगों ने सुझाव दिए गए हैं कि आबादी नियंत्रण के लिए क्या किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववती सरकार भी दो बच्चे के निर्णय को लेकर चली और यह सरकार भी लेकर चली। क्यों नहीं राजस्थान का यह सर्वोच्च सदन यह प्रस्ताव पारित करे कि विधायिका,लोकसभा के चुनाव में दो बच्चे की बाध्यता आने वाले समय में लागू करेंगे जिससे संदेश जाए कि छोटा परिवार रखना कितना क्यों आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आप कितने ही दावें करें लेनिक बढ़ती आबादी की आपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाएंगे। लेकिन हम लोग वोट की राजनीति करते हैं। इसक कारण् से ही आज आबादी की इतनी बड़ी जनसंख्या हमारे पास है।

नसबंदी कराने वाले को मिले सरकारी नौकरी
चर्चा में बोलते हुए दूदू विधायक बाबूलाल नागर ने कहा कि परिवान नियोजन के संबध में सरकार ने अपने स्तर पर कई प्रावधान कर रखे हैं। लेकिन मैं समझता हूं कि नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए सरकार को ऐसे प्रोत्साहन देने चाहिएं। अगर सरकारी नौकरी भी देनी पड़े और उसको नौकरी में लिया भी जाए तो निश्चिित रूप से जनसंख्या नियंत्रण हो सकता है। नागर ने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों में जो रिक्त पद हैं उनको भरा जाए।

सरकार एक आदेश निकाल दे-जनसंख्या नियंत्रण हो जाएगा
चौंमू विधायक रामलाल शर्मा ने निरोगी राजस्थान नीति पर बोलते हुए कहा कि आप एक ऐसा कानून बनाएं कि जिसको राजकीय सेवा में जाना है, जिसके एक संतान रहेगी उसको प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह ओदश निकाल दे कि जो राज्य सरकार की सुविधाएं लेना चाहता है वह दो बच्चों तक सीमित रहे। इतना ही करने से आसानी से जनसंख्या नियंत्रित हो जाएगी।

गंभीर बीमारियां बुरे कर्मों का फल
चर्चा में बोलते हुए विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहा कि छोटी-मोटी बीमारी सभी को होती है। लेकिन आदमी जब लंबे समय तक कष्ठ भुगतता है तो यह कहीं न कहीं हमारे बुरे कर्मों का फल है। यदि हम इस बात के लिए भी जागृति लाएं कि हम कोई गलत काम नहीं करेंगे,बेइमानी नहीं करेंगे किसी का शोषण नहीं करेंगे। पारख ने कहा सेवा के साथ सबको जोडा जाए। अगर कोई व्यक्ति किसी की मदद करता है सेवा करता है तो सेवा से बड़ा कोई टीका नहीं है।

डायबिटीज सबसे खतरनाक बीमारी
चर्चा में बोलते हुए विधायक डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आज विश्व में डायबिटीज सबसे गंभीर बीमारी है। इसलिए इस बीमारी में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। क्योंकि यह बीमारी शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि बच्चा पैदा हुआ और पता चला कि बच्चे को डायबिटीज है। उन्होंने कहा कि जेकेलोन अस्पताल में बच्चों के हार्ट के ऑपरेशन के लिए कार्डियोलॉजी विभाग नहीं है। जेकेलोन से बच्चों को एसएमएस अस्पताल जाना पड़ता है।

PUNEET SHARMA Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned