उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोज़गार देने का कोई बाध्यकारी प्रावधान नहीं: परसादी लाल मीणा

राज्य विधानसभा : प्रश्नकाल में उठा युवाओं को रोज़गार देने का मामला, स्थानीय युवाओं को रोज़गार देने का प्रावधान नहीं: मंत्री, स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष ने की स्थानीय युवाओं को मौक़ा देने की पैरवी

 

By: Nakul Devarshi

Published: 15 Sep 2021, 02:29 PM IST

जयपुर।

राज्य सरकार ने आज विधानसभा में साफ़ किया कि प्रदेश के विभिन्न उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोज़गार देने के लिए कोई बाध्यकारी प्रावधान नहीं हैं। उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने ये बात आज प्रश्नकाल के दौरान विधायक मंजू देवी की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही।


दरअसल, विधायक मंजू देवी ने जायल विधानसभा क्षेत्र के उद्योगों में और नागौर के मूंडवा में स्थापित हो रहे अंबूजा सीमेंट प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के सम्बन्ध में सवाल पूछा था। इसके जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोज़गार में प्राथमिकता देने का कोई प्रावधान नहीं है। उद्योग मंत्री ने कहा कि हमारा मकसद निवेशकों को आकर्षित करना है।

 

मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि कंपनी की आवश्यकता के आधार पर लोगों को रोज़गार दिया जाता है। सरकार की निवेश प्रोत्सान नीति वर्ष 2019 में पीएफ और ईएसआई का 50 फ़ीसदी पैसा सरकार की ओर से दिए जाने का प्रावधान है।

 

इधर मंत्री के जवाब के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने हस्तक्षेप करते हुए सुझाव दिया कि उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोज़गार देने के मामले में एक निश्चित प्रतिशत सम्बंधित क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया जाए।

 

हालांकि उद्योग मंत्री के जवाब से प्रश्नकर्ता विधायक मंजू देवी संतुष्ट नज़र नहीं आईं। उन्होंने कहा कि उद्योग लगने के बाद स्थानीय युवाओं को रोज़गार में प्राथमिकता नहीं मिलना अच्छी बात नहीं है।

 

सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा उद्यमी किस तरह से मैनपावर चाहता है, उसके अनुसार ही प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और स्थानीय लोगों को मौक़ा भी दिया जाना चाहिए।

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