सदन के हालात देख दुखी हुए अध्यक्ष जोशी, कहा: इस कुर्सी पर बैठ खुद को महसूस कर रहे हैं प्रताड़ित

सदस्यों के आचरण से दुखी हुए अध्यक्ष सी.पी.जोशी, कोटा में नवजात शिशुओं की मौत मामले में प्रश्नकाल में विपक्ष ने किया हंगामा, सत्ता पक्ष ने राजेन्द्र राठौड़ के बयान की खबर के पर्चे लहराए, नीमकाथाना कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी वैल क्रॉस कर विपक्ष तक पहुंच गए, विपक्षी सदस्यों ने पर्चे को फाड़ा और सत्ता पक्ष की तरफ फैंक दिया

विकास जैन / जयपुर। राजस्थान विधानसभा ( Rajasthan Vidhansabha ) में बुधवार को प्रश्नकाल ( Question Hour ) के दौरान लगातार दूसरे दिन भारी हंगामा हुआ। कोटा में नवजात शिशुओं की मौत मामले पर लगाए एक सवाल पर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ( Raghu Sharma ) के जवाब से नाखुश भाजपा विधायकों ने वैल में आकर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ( Rajendra Rathore ) के उस बयान की खबर के प्रिंटेड पर्चे सदन में लहराए, जिसमें उन्होंने चिकित्सा मंत्री रहने के दौरान कोटा के अस्पताल के हालात पर कहा था कि 'वे खुद यहां के हालात देखकर शर्मिंदा हैं। नीमकाथाना से कांग्रेस विधायक पर्चा लेकर वैल क्रॉस कर विपक्षी सदस्यों तक पहुंच गए। विधायक वासुदेव देवनानी ( Vasudev Devnani ) ने उस पर्चे को फाड़ा और अशोक लाहोटी ( Ashok Lahoti ) ने उसे सत्ता पक्ष की तरफ फैंक दिया।

इस दौरान कांग्रेस विधायक के वैल क्रॉस कर विपक्ष तक पहुंच जाने और विपक्षी सदस्यों के पर्चा फाड़कर सत्ता पक्ष की तरफ फैंकने पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ( Gulab Chand Kataria ) और संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ( Shanti Dhariwal ) ने सामने वाली पार्टी के संबंधित सदस्यों को पाबंद करने और प्रताडि़त करने की मांग रख दी। इस पर अध्यक्ष सी.पी.जोशी ( CP Joshi ) ने कहा 'वे किसी को प्रताडित नहीं कर रहे, वे तो खुद इस कुर्सी पर बैठकर खुद को प्रताडि़त महसूस कर रहे हैं।'

अध्यक्ष ने दी यह भी नसीहत

जोशी ने कहा कि सदस्य बैठे-बैठे बोलें, यहां पर कागज लाएं यह परंपरा ठीक नहीं है। इस पर विपक्ष ने मेजें थपथपाई। अध्यक्ष ने कहा कि वैल में आकर कागज बताना ठीक नहीं। वाद—विवाद और चर्चा यह संसदीय ताकत है।

पहले से थी कांग्रेस की तैयारी

सदन में कोटा के नजवात शिशुओं की मौत मामले में सवाल लगा हुआ था। विपक्ष के आरोपों की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने पहले से ही जवाब देने की तैयारी की हुई थी। हंगामा शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और उसके बाद अन्य कांग्रेस विधायकों ने पर्चे लहराने शुरू कर दिए। हंगामा तब शुरू हुआ, जब चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने विपक्ष पर कोटा के मामले में विपक्ष पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और पिछले पांच साल की तुलना के आंकड़े बताने लगे।

सदन हुआ सन्न, गहलोत ने बताया दुखद

विधानसभा अध्यक्ष के खुद को प्रताडि़त महसूस करने संबंधी बयान पर एकबारगी पूरा सदन सन्न रह गया। उस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) भी सदन में मौजूद थे। जोशी के वक्तव्य के बाद गहलोत ने कहा कि सभी को सदन चलाने में सहयोग करना चाहिए, राजनीति में लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी चाहिए। अध्यक्ष को यह बात बोलनी पड़े, यह बहुत दुखद है।

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pushpendra shekhawat Desk
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