अजमेर में महिला आईएएस अधिकारी के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी का मामला भी गूंजा

सरकार पर गिरफ्तारी के बजाय टिप्पणी करने वाले को कोर्ट से स्टे लेने का समय देने के आरोप

 

विकास जैन / जयपुर। अजमेर में महिला आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों का मामला पूर्व मंत्री अनीता भदेल ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से शुक्रवार को सदन में उठाया। भदेल ने कहा कि आईएएस की सेवाएं गरिमापूर्ण होती है, ऐसे में ब्यूरोक्रेसी में तैनात महिलाओं को यदि ब्लैकमेल किया जाएगा तो यह कहां तक उचित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर में 4 महिला आईएएस ने इस बारे में मुकदमा भी दर्ज कराया है, लेकिन सरकार ने गिरफ्तारी के बजाय टिप्पणी करने वाले को कोर्ट से स्टे लेने का समय तक दे दिया। भदेल ने मांग की है कि कोर्ट में सरकार को स्टे के खिलाफ जाना चाहिए। यह महिलाओं के आत्म सम्मान और सुरक्षा का विषय है, ऐसे में सरकार आधी आबादी का ध्यान रखे।

वहीं उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्रताधारी किसानों के सत्यापन नहीं होने व किसानों को पैसा नहीं मिलने का मामला उठाया। मामले में राठौड़ के साथ नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी सरकार को घेरने की कोशिश की। इन्होंने कहा कि डेटा समय पर सत्यापित नहीं होने से किसानों को पैसा नहीं मिला। इस पर सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि पैसा सीधे कृषकों को जाता है वेििरफकेशन के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा कि पैसा धन की कमी के कारण रुका है। केन्द्र ने लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव को देखते हुए पैसा दे दिया, लेकिन चुनाव निपटते ही पैसा नहीं दिया।

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pushpendra shekhawat Desk
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