भारी बारिश से देश के कई हिस्सों में बाढ़, वहीं राजस्थान से रूठा मानसून

भारी बारिश से देश के कई हिस्सों में बाढ़, वहीं राजस्थान से रूठा मानसून

Santosh Kumar Trivedi | Updated: 14 Jul 2019, 02:06:40 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

राजस्थान में बारिश होने का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है। बारिश नहीं होने से प्रदेश के ज्यादातर शहर तपने लगे हैं। उमस ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है।

जयपुर। राजस्थान में बारिश होने का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है। बारिश नहीं होने से प्रदेश के ज्यादातर शहर तपने लगे हैं। उमस ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है। 2 जुलाई काे प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद जयपुर में केवल एक बार अच्छी बारिश हुई। ऐसे में हर किसी को जोरदार बारिश का इंतजार है, लेकिन लगता है कि राजस्थान से मानसून रूठा हुआ है।

 

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर एक साइक्लाेनिक सर्कुलेशन बनने से मानसून कमजाेर पड़ गया है। IMD के अनुसार प्रदेश में अगले एक सप्ताह में भी बारिश के आसार कम हैं। हालांकि केंद्रीय माैसम विभाग का दावा है कि अगस्त व सितंबर में जमकर मानसून बरसेगा। प्रदेश में अब तक जयपुर सहित 12 जिलाें में औसम से कम बारिश हुई है।

 

राजस्थान में बारिश नहीं हो रही वहीं मूसलाधार बारिश से बिहार में हाहाकार मच गया है। कई नदियां उफान पर हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नेपाल के दक्षिणी इलाकों में उफनाई नदियों का असर बिहार के उत्तरी इलाकों के जिलों मुजफ्फरनगर, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, अररिया और सुपौल में देखने को मिल रहा है। नेपाल से बिहार की ओर आने वाले नदी बागामती काठमांडू में खतरे के निशान से ऊपर आ गई है।

 

असम में बाढ़ की स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। 21 जिलों के करीब 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पिछले दो दिन में बाढ़ व भू-स्खलन में गोलाघाट व डिमा हसाओ जिले में तीन लोग मारे गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्यों में लगी हुई है।

 

प्रभावित जिलों में शोणितपुर, बाक्सा, बंगाईगांव, कोकराझाड़, ग्वालपाड़ा, मोरिगांव, होजाई, नगांव, शिवसागर, तिनसकिया, धेमाजी, लखीमपुर, विश्वनाथ, दरंग, बरपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, माजुली, डिब्रुगढ़, गोलाघाट और जोरहाट शामिल हैं। वहीं भारी बारिश के चलते असम के बराकघाटी का रेल संपर्क शेष देश के कट गया है।

 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार ब्रह्मपुत्र सहित करीब आधा दर्जन नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। प्रभावित लोगों के लिए 68 राहत शिविर खोले गए हैं। वहीं धेमाजी, लखीमपुर, नलबाड़ी, गोलाघाट, माजुली और तिनसुकिया जिले में 48 राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं।

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