प्रदेश में बनेगी गो नीति, गोपालकों की समस्याओं का होगा समाधान

chandra shekar pareek

Publish: Mar, 03 2019 01:37:56 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि हिंदू धर्म में गाय को माता मानते हैं, लेकिन भाजपा गाय के नाम पर राजनीति करती है। भाजपा के पास महापुरुषों से लेकर गाय तक सब चुराया हुआ है। मुख्यमंत्री गहलोत ने शनिवार को सीतापुरा स्थित जेईसीसी में पहली बार हुए राज्यस्तरीय गोरक्षा सम्मेलन के दौरान भाजपा पर निशाना साधते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा कोई भी हथकंडा अपना सकती है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमने अपने पिछले कार्यकाल में गोसेवा निदेशालय का गठन किया था। भाजपा सरकार ने इसे विभाग का नाम दे दिया। गोसेवा सेस के नाम पर 800 करोड़ रुपया जुटाया गया, लेकिन इसमें से चार सौ करोड़ ही खर्च हो पाए। गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार पूरी गंभीरता से गोवंश की रक्षा के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही ऐसी गो नीति बनाएगी, जिससे गायों से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके। कार्यक्रम में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, गोपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल, कई विधायक एवं अन्य मौजूद रहे।

भाजपा पर इस तरह भी हमला

सम्मेलन में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमने नि:शुल्क दवा योजना शुरू की। विरोधियों ने आरोप लगाए कि हम वोटों के लिए रेवडिय़ां बांट रहे हैं, लेकिन हमने पशुओं की सेहत की सुरक्षा के लिए भी पशुधन नि:शुल्क दवा योजना भी शुरू की। अब सोचने की बात यह है कि भला गाय, भैंस, बकरी भी वोट देती हैं क्या।

संपन्न लोग आगे आएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जितनी राशि गोशालाओं को दी जा रही है, उससे गायों का पालन संभव नहीं है। हम इस राशि को बढ़ाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को जल्द ही करीब 146 करोड़ रुपए की सहायता राशि जारी कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोसेवा के लिए संपन्न लोगों को भी आगे आना चाहिए।

सम्मेलन में यह हुए शामिल
सम्मेलन में राज्यभर से पंजीकृत 2673 गोशालाओं के संचालक शामिल हुए। हर गोशाला से दो दो व्यक्तियों को बुलाया गया था। सम्मेलन में इन गोशाला संचालकों से लिखित में सुझाव भी लिए। ताकि सरकारी स्तर में निर्धारित की जाने वाली नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों को इनके आधार पर तैयार किया जा सके।

ये मांग भी रखी गईं

सम्मेलन में गोशालाओं को सशक्त बनाने के लिए संचालकों ने कई मांगे रखी। इन मांगों में गोवंश के चारे के लिए दिया जाने वाला सरकारी अनुदान बढ़ाने, छोटे पशु का अनुदान 16 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए करने, बड़े पशु के भरण पोषण के लिए मिलने वाला अनुदान 32 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए करने, चारे के लिए अनुदान की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने करने, गोचर भूमि का गोशालाओं को आवंटन करने, गोशालाओं को मुफ्त में बिजली-पानी देने, गोशालाओं के कार्य को मनरेगा से जोडऩे के साथ ही सरकारी स्तर पर गोवंश का गोबर और गोमूत्र खरीदने की व्यवस्था करने की मांग की गई।

जल्द जारी होगा अनुदान
कार्यक्रम में गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि गोशाला संचालकों की ओर से मिलने वाले सुझावों पर सरकार विचार करेगी। विभागीय अफसरों को गायों के चारे के लिए पैसा बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि गोचर भूमि पर गोशालाओं का ही पहला हक होना चाहिए। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने गोशालाओं का बकाया अनुदान भी जल्द जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम में राज्य स्तर पर तीन आदर्श गोशालाओं को पुरस्कृत करने के साथ ही 11 नए डेयरी बूथ आवंटन पत्र भी प्रदान किए गए।

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