राजस्थान की महिला कार्मिकों को रोज़ होना पड़ता है शर्मसार! खुले में शौच करने से रोकने के लिए लेनी पड़ती है SELFIE

महिला कार्मिक  मोबाइल से सेल्फी लेती हैं और सुबह सीटी बजाती हैं तो बड़ी अचरज की स्थिति पैदा हो जाती है

By: nakul

Published: 22 Aug 2017, 08:22 AM IST

 जयपुर
स्वच्छ भारत के तहत खुले में शौच मुक्त अभियान को लेकर सरकार की सोच तो अच्छी है, लेकिन इसे साकार करने के लिए जो सरकारी फरमान निकाले गए हैं, उसने अभियान पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं। मामला जुड़ा है करौली कलक्टर के आदेश से, जिसमें पुरुष ही नहीं बल्कि महिला कार्मिकों को भी यह जिम्मेदारी दी गई हैं कि वे खुले में शौच मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे मॉर्निंग फॉलोअप कार्यक्रम में खुले में शौच जा रहे लोगों को सीटी बजाकर रोके और उन्हें खुले में शौच नहीं करने को प्रेरित करें।

 

हालांकि महिलाओं को महिलाओं के लिए और पुरुषों को पुरुषों के लिए मॉर्निंग फॉलोअप कार्यक्रम में लगाया गया है, लेकिन जब वे फील्ड में जाकर मोबाइल से सेल्फी लेती हैं और सुबह सीटी बजाती हैं तो बड़ी अचरज की स्थिति पैदा हो जाती है, जब उन्हें वहां रास्ते में पुरुष भी मिल जाते हैं। हालांकि महिला कार्मिक इस आदेश का दबी जुबान में विरोध कर रही हैं। महिलाकर्मियों ने आदेशों को फिर से संशोधित कर लागू करने की मांग की है।

 

महिलाकर्मी को दिखाया प्रशासनिक डर
सूत्रों की मानें तो कुछ महिलाओं ने आवाज उठाने की कोशिश की तो उनको प्रशासनिक डंडे का डर दिखाया गया। उपखंड अधिकारी टोडाभीम की ओर से मॉर्निंग फॉलोअप कार्यक्रम का निरीक्षण किया गया तो उसमें कई कार्मिक अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने एक नोटिस जारी कर ऐसे कार्मिकों से जवाब मांगा है, जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिला कार्मिकों को नौकरी का इतना डर है कि वे अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर परेशानी बयां करने को राजी हुई।

 

इनका कहना है:

सरकार का आदेश है। हम उसकी पालना कर रहे हैं। मॉर्निंग फॉलोअप कार्यक्रम में महिलाओं को कहीं कोई परेशानी हो तो हमें बताएं। प्रशासन उनकी मदद करेगा। -जगदीश आर्य, एसडीएम टोडाभीम

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