राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव का फर्जीवाड़ा मानहानि केस तक पहुंचा

-पूर्व में अध्यक्ष घोषित किए सुमित भगासरा मुकेश भाकर पर करेंगे मानहानि का दावा, भगासरा का भाकर छवि बिगाड़ने का आरोप

By: firoz shaifi

Published: 09 Apr 2020, 10:34 AM IST

जयपुर। युवा कांग्रेस के ऑनलाइन चुनाव हैकर्स और फर्जीवाड़े के बाद अब मानहानि के मामलों तक पहुंच गया है। पूर्व में अध्यक्ष घोषित किए गए सुमित भगासरा ने कांग्रेस विधायक और हाल ही में दोबारा आए परिणाम में अध्यक्ष निर्वाचित हुए मुकेश भाकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

भगासरा ने भाकर पर छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए मानहानि का केस करने की धमकी दी है। भगासरा ने कहा कि वे आज भाकर के खिलाफ मानहानि का केस दायर करेंगे। इससे साफ है कि युवा कांग्रेस का चुनाव पार्टी के लिए गलफांस बन गया है। चुनाव हैक करने और फर्जीवाड़ा होने की खबरों के बाद कांग्रेस की काफी किरकिरी हो रही है।


व्यक्तिगत रूप से छवि खराब करने का आरोप
युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव में प्रत्याशी रहे और पूर्व में आए परिणामों में सर्वाधिक वोट लेने वाले सुमित भगासरा ने दोबारा आए परिणाम में अध्यक्ष घोषित किए गए विधायक मुकेश भाकर पर व्यक्तिगत रूप से छवि बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में चुनाव हैक कराने और फर्जी मतदान की जितनी भी शिकायतें की गई हैं उनमें कहीं भी मेरे नाम का उल्लेख नहीं हैं जबकि भाकर राजनीतिक द्वेषता के चलते चुनाव हैक कराने और फर्जी मतदान के लिए मेरा नाम ले रहे हैं, जिससे मेरी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

 

हैकर्स के क्यों नहीं गिरफ्तार कराया
सुमित भगासरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुकेश भाकर कह रहे हैं कि हैकर्स उनके पास आया था और चुनाव जिताने के लिए 50 लाख रुपए की मांग की थी, जब हैकर्स उनके पास आया था और वे हैकर्स को जानते हैं तो उन्होंने उसे पुलिस को क्यों नहीं पकड़वाया।

दो उपाध्यक्ष भी उठा चुके हैं सवाल
वहीं बुधवार को युवा कांग्रेस के दो प्रदेश उपाध्यक्ष चुने गए अमरदीन फकीर और संजिता सिहाग ने भी मुकेश भाकर और युवा कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चुनावी प्रक्रिया में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की थी।

गौरतलब है कि पूर्व में घोषित हुए परिणाम में सुमित भगासरा सर्वाधिक वोट लेकर पहले नंबर रहे थे, जबकि मुकेश भाकर दूसरे नंबर पर थे। चुनाव में घपले बाजी फर्जी वाड़े की शिकायतों के बाद चुनाव प्राधिकरण ने परिणाम पर रोक लगाते हुए जांच कमेटी गठित की थी, जिसके बाद 7 अप्रेल को दोबारा आए परिणाम में मुकेश भाकर को सर्वाधिक वोटों के साथ प्रदेशाध्यक्ष घोषित किया था, जबकि अमरदीन फकीर दूसरे और सुमित भगासरा तीसरे नंबर पर रहे थे।

firoz shaifi Desk
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