आज के नए भारत को जवाब देना आता है - कर्नल राठौड़

सांसद राज्यवर्धन ने भारत-चीन हालात की फेसबुक के माध्यम से की चर्चा



By: Ashwani Kumar

Published: 24 Jun 2020, 08:03 PM IST

जयपुर. काराकोरम की पहाडिय़ों की ऊं चाई पर मौसम से भी लडऩा होता है। वहां पर ऑक्सीजन की कम होती है। अंगुलियों में खून जम जाता है। फिर भी भारतीय सेना वहां पर मुस्तैदी से डटी है। चीन का लक्ष्य भारत के विकास को रोककर दक्षित एशिया तक सीमित रखना है। चीन अब तक तो भारत को डरा धमकाकर अपने लक्ष्य में सफल होता रहा, लेकिन आज नया भारत है। मोदी सरकार है और राष्ट्रवादी सरकार है। यह कहना है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का। उन्होंने बुधवार को फेसबुक के माध्यम से लोगों से संवाद किया।
राठौड़ ने कहा कि चीन की नीति साइक्लॉजिकल, मीडिया और लीगल वॉरफेयर की है। इसके तहत वे हमारे देश में लोगों से धरना-प्रदर्शन करवाएंगे। इससे सरकार के खिलाफ बयान शुरू होंगे। इससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास कम हो जाएगा। उन्होंने लोगों ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और चीन के मंसूबों को विफल करने की अपील भी की।

तेज गति से हो रहा बॉर्डर पर काम
उन्होंने कहा कि दुबरूक-शामुख और दौलत बेग ओल्डी तक जो 255 किमी ऑल वैदर सड़क बनी है। यह रास्ता लगभग 13000 से लेकर 16000 फीट की ऊंचाई पर है। इसके बनने से भारतीय सेना और मजबूत हुई है। चीन की बौखलाहट का मुख्य कारण भी यही सड़क है। 2014 में इस सड़क का काम तेजी से प्रारम्भ करवाया और अब यह पूरी तरह से बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के पांच साल और बाद के पांच सालों में दुगनी गति से बॉर्डर पर काम हुए हैं।

Ashwani Kumar Reporting
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