अब Rakesh Tikait और Hanuman Beniwal के बीच ‘टकराव’! जानें क्यों गर्माया है मामला?

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन जारी, अब दो सीनीयर नेताओं के बीच टकराव की बनी स्थिति, सांसद हनुमान बेनीवाल को रास नहीं आ रही राकेश टिकैत की सक्रियता, बेनीवाल ने पहली बार खुलकर की टिकैत की खिलाफत, बताया बाहरी, अब बेनीवाल के बयानी ‘वार’ पर टिकैत के ‘पलटवार’ का इंतज़ार, बेनीवाल-टिकैत के बीच टकराव समर्थकों के बीच बना चर्चा का विषय

 

By: nakul

Published: 04 Mar 2021, 02:51 PM IST

जयपुर।

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के बीच एक बार फिर किसान नेताओं के बीच टकराव का मामला सामने आया है। इस बार टकराव किसान आंदोलन के दो सीनीयर नेताओं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व पार्टी के एकमात्र सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी बयानों का सिर्फ एक तरफ़ा ‘वार’ ही हुआ है और ‘पलटवार’ का इंतज़ार है, पर इस टकराव की स्थिति ने माहौल गरमा दिया है।

 

गौरतलब है कि एक ही मकसद से जारी किसान आंदोलन के बीच पहले भी नेताओं के बीच टकराव सामने आते रहे हैं। राजस्थान के दो किसान नेता हिम्मत सिंह गुर्जर और रामपाल जाट के बीच अदावत भी कुछ दिनों पहले खुलकर सामने आई थी।


टिकैत को बेनीवाल बता रहे बाहरी
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत को रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल ने बाहरी करार दिया है। साथ ही उन्होंने टिकैत की मौजूदगी की किसान महापंचायतों में वामपंथी नेताओं पर भी निशाना साधा है।

 

उन्‍होंने कहा कि राजस्थान में वामपंथी दल कुछ बाहरी नेताओं के सहयोग से अपनी सियासी जमीन तैयार करने में जुटे हैं, जो कभी सफल नहीं हो सकेगा। उन्होंने टिकैत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बाहरी नेता राजस्थान में किसानों की भीड़ नहीं जुटा सकते।

 

सांसद बेनीवाल ने अपने संसदीय क्षेत्र नागौर में हुई किसान महापंचायत पर भी प्रतिक्रिया देते हुए किसान नेता राकेश टिकैत को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि टिकैत की नागौर किसान महापंचायत में मुठ्ठीभर लोग ही पहुंचे। अगर टिकैत लोकप्रिय होते तो किसानों की भारी भीड़ होती।


बेनीवाल के ‘आक्रोश’ की एक वजह ये भी
रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल की गुस्से की वजह सिर्फ नागौर में किसान रैली ही नहीं है बल्कि राकेश टिकैत की पिछले 10 दिन से राजस्थान के जाट बहुल जिलों में धुंआंधार किसान रैलियां हैं। बेनीवाल और राजस्थान के जाट नेता इसे राकेश टिकैत की जाट बैंक पर नजर मान रहे हैं। जबकि हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी का सबसे बड़ा आधार ही जाट वोट बैंक है और पश्चिम राजस्थान में जाट बहुल इलाकों में ही उनकी पार्टी की ताकत है।

 

यही नहीं, हनुमान बेनीवाल को आशंका है कि किसान रैलियों के सहारे वामपंथी दल और राकेश टिकैत उनकी सियासी जमीन हथियाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यही आंशका किसान आंदोलन का साथ दे रहे कांग्रेस के नेताओं को भी है।

 

टिकैत के जवाब का इंतज़ार
सांसद हनुमान बेनीवाल ने पहली बार खुलकर राकेश टिकैत का विरोध जताते हुए कोई प्रतिक्रिया दी है। कृषि कानूनों की वापसी के एकमात्र एजेंडे से आगे बढ़ रहे टिकैत और बेनीवाल के बीच पनप रहा ये टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अभी बेनीवाल के बयानी ‘वार’ पर टिकैत के ‘पलटवार’ का इंतज़ार सभी को है।

 

राजस्थान में अब टिकैत की ये होगी आगामी किसान महापंचायतें
- 12 मार्च को पीपाड़ (जोधपुर)
- 17 मार्च को श्रीगंगानगर एवं संगरिया (हनुमानगढ़)
- 23 मार्च को विद्याधरनगर स्टेडियम जयपुर में महापंचायत होगी।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned