धरे रह गए अरमान... शामियाने सज गए, मेहमान भी आ गए, ऐनवक्त पर कर्फ्यू ने रोकी बारात

शादियां रुकीं, कफ्र्यू खुले तो हो निकाह...

By: dinesh

Published: 11 Sep 2017, 11:30 AM IST

जयपुर। कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों में कई जगह निकाह कार्यक्रम गड़बड़ा गए। कुछ जगह शामियाने सज गए, मेहमान आ गए लेकिन कर्फ्यू के कारण बारात नहीं आ पाई। कहीं परिवार बारात का इंतजार करते रहे तो कहीं बारात ले जा नहीं पाए। ऐसे में कई परिवारों में शादियां स्थगित करनी पड़ी हैं।

कर्फ्यू बना बारात में बाधा
चार दरवाजा निवासी सलमा की शादी भी 11 सितम्बर को तय हुई। सलमा की बारात आदर्श नगर से जानी है। वहां भी तैयारी हो चुकी है मगर कर्फ्यू ही बाधा बन रहा है।

चार दरवाजा से आनी थी बारात, नहीं आ पाई
ट्रांसपोर्ट नगर में आजाद नगर निवासी मोहम्मद इकबाल कुरैशी की 2 बेटियों की शादी 9 सितम्बर को होनी थी। बारात चार दरवाजा से आनी थी लेकिन कफ्र्यू के कारण नहीं आ पाई। ऐसे में शादी नहीं हो पाई। इकबाल के भाई नौशाद ने बताया कि कई दिन से शादी की तैयारियों में लगे हैं। चार दिन से घर रोशनी से जगमगा रहा है। बाहर से 70-80 रिश्तेदार भी आ चुके हैं। दूल्हा पक्ष की तैयारी हो चुकी थी।

इधर कफ्र्यू की खामोशी में
चार दरवाजा के अब्दुल वहाब के घर बेटी रुबीना बानो की शादी कफ्र्यू के सन्नाटे के बीच हुई। आदर्शनगर के धन्नादास की बगीची से सईद मोहम्मद अपने बेटे मोहम्मद इशाक पांच लोगों के साथ रामगंज थाने आए। वहां से अनुमति लेकर गाड़ी से लडक़ी के घर पहुंचे।

 

धरे रह गए अरमान...
रुबीना के पिता अब्दुल वहाब ने कहा, शादी की तैयारियां मुकम्मल थीं। एक हजार से ज्यादा लोगों की दावत का इंतजाम था। कफ्र्यू में अरमान धरे रह गए। इशाक के पिता सईद मोहम्मद ने कहा, बेटे की शादी में महज पांच लोग शामिल हो पाए। रात भर चलने वाले जश्न को सुबह 4 बजे की मियाद ने बांधा हुआ था। इशाक के चचेरे भाई की शादी सोमवार को और छोटे भाई की शादी मंगलवार को होनी है। इनमें कितने लोग शामिल हो पाएंगे, वे नहीं जानते। परिवार दुआ मांग रहा है कि सुबह तक माहौल ठीक हो जाए और कफ्र्यू हट जाए।

 

दूल्हे के साथ तीन और लोगों का पास बना दो
चार दरवाजा बाहर स्थित मोहल्ला कुरैशियान निवासी अब्दुल हमीद ने बताया कि उनकी भतीजी का निकाह है। घर में सभी तैयारियां हो चुकी थी। मेहमानों के लिए भोजन बन गया, लेकिन शुक्रवार को अचानक उपद्रव होने से तैयारियां धरी रह गई। शादी के कार्ड बंट गए थे। लोगों को अब फोन कर मना करना पड़ रहा है। आदर्श नगर निवासी दूल्हे और उसके साथ तीन अन्य लोगों का ही पास बन पाया, जिसके बाद निकाह हुआ।

 

इनका निकाह भी हुआ बाधित...
फैमिदा कुरैशी-फरीद कुरैशी, शमिदा-जावेद कुरैशी (चार दरवाजा से बारात आजाद नगर)
सलमा बानो-मोहसिन कुरैशी (आदर्श नगर से बारात चार दरवाजा जाएगी)

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