पहली बार रामलला ने पहनी लाल पोशाक

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रामजन्मभूमि पर मंदिर बनने का रास्ता साफ होने के बाद रविवार को पहली बार रामलला ने लाल रंग की पोशाक पहनी। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि हिंदू मान्यता के अनुसार लाल रंग शुभ माना जाता है और विजय का प्रतीक होता है।

अयोध्या . सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रामजन्मभूमि पर मंदिर बनने का रास्ता साफ होने के बाद रविवार को पहली बार रामलला ने लाल रंग की पोशाक पहनी। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि हिंदू मान्यता के अनुसार लाल रंग शुभ माना जाता है और विजय का प्रतीक होता है। दो भाई भगवत प्रसाद पहाड़ी और शंकर लाल श्रीवास्तव बाडी कुटिया इलाके में स्थित आठ बाई छह फुट की दुकान में राम लला के लिए कपड़े सिलते हैं। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों भाई राम लला के लिए लाल रंग की पोशाकें सिलने में व्यस्त हैं।
रामलला को हर दिन अलग-अलग रंग के कपड़े पहनाए जाते हैं। रामलला को सोमवार के दिन सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरे, गुरुवार को पीले, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीले और रविवार को गुलाबी रंग के वस्त्र धारण कराए जाते हैं। रविवार के लिए यह नियम तोड़ा जा सकता है।
वर्षों से पोशाक सिल रहा हमारा परिवार
शंकर लाल ने बताया कि पिता बाबू लाल रामलला के लिए कपड़े सिलते थे। उनके बाद हम दोनों भाई यह काम करने लगे। 29 साल से हम रामलला के कपड़े सिलते आ रहे हैं। राम लला के सटीक माप की जानकारी केवल इसी परिवार के पास है।

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