कल से पर्यटकों के लिए बंद होंगे रणथंभौर और सरिस्का नेशनल पार्क


एक अक्टूबर से होगी नए पर्यटक सीजन की शुरुआत
बाघों का दीदार करने के लिए करना होगा इंतजार
18 मार्च से 30 जून के बीच बुकिंग करवाने वाले पर्यटकों का पैसा नहीं होगा वापस
आगामी दो साल में कर सकेंगे टाइगर सफारी

By: Rakhi Hajela

Updated: 30 Jun 2020, 05:35 PM IST


बाघों सहित अन्य वन्यजीवों का दीदार करने की चाहत रखने वाले लोगों को अब अक्टूबर तक का इंतजार करना होगा। रणथंभौर और सरिस्का नेशनल पार्क तीन माह के लिए कल से पर्यटकों के लिए बंद हो जाएंगे और इन दोनों नेशनल पार्क में नए पर्यटक सीजन की शुरुआत एक अक्टूबर से होगी। आपको बता दें कि हर साल की तरह रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन ६ से १० पर्यटन की गतिविधियों के लिए खुले रहेंगे जबकि शेष पार्क पूरी तरह से बंद रहेगा। पार्क के डीसीएफ मनोज पाराशर ने बताया कि नए पर्यटन सीजन की शुरुआत एक अक्टूबर से की जाएगी। आपको बता दें कि बरसात का सीजन वन्यजीवों की मेटिंग के लिए अनुकूल माना जाता है इसलिए इस मानसून सीजन के दौरान नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है।

पर्यटकों की संख्या में आई कमी
आपको बता दें कि इस बार रणथंभौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व को कोविड १९ के चलते १८ मार्च को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद अनलॉक वन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इन्हें फिर से पर्यटकों के लिए खोला गया लेकिन दोनों ही स्थानों पर पर्यटकों की संख्या काफी कम रही। रणथंभौर में इनकी संख्या आधी से भी कम हो गई वहीं सरिस्का में तो पर्यटकों का आंकड़ा सैकड़े की संख्या को भी पार नहीं कर सका।

30 मई तक पौने तीन करोड़ के राजस्व का नुकसान
विभागीय सूत्रों के अनुसार रणथम्भौर नेशनल पार्क में पर्यटन बंद होने से 18 मार्च से 31 मई तक लगभग दो करोड़ तथा 30 मई तक पौने तीन करोड़ के राजस्व का सरकार को नुकसान हुआ है। यह सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग से प्राप्त होने वाला राजस्व है। इसके अलावा करंट बुकिंग से सरकार को प्राप्त होने वाला राजस्व अलग है। यह तो सिर्फ सरकार के राजस्व का नुकसान है। इसके अलावा वाहन मालिक, वाहन चालक, गाइड, टिकट बुकिंग से जुड़े लोगों को होने वाला नुकसान अलग है।

एडवांस बुकिंग का पैसा नहीं होगा वापिस
आपको यह भी बता दें कि रणथंभौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व घूमने के लिए पर्यटक एडवांस बुकिंग करवाते हैं लेकिन कोरोना के कारण दोनों पार्क बंद कर दिए गए और इन्हें 81 दिन के बाद 8 जून को फिर से खोला गया। एेसे में जिन पर्यटकों ने एडवांस बुकिंग करवाई थी उनके पैसे भी अटक गए थे। उन पर्यटकों का बुकिंग अमाउंट वन विभाग वापिस नहीं देगा। विभाग ने पर्यटकों को ऑप्शन दिया है कि वह चाहे तो अगले दो साल में कभी भी अपनी बुकिंग के बदले टाइगर सफारी कर सकते हैं। गौरतलब है कि वन विभाग के पास 18 मार्च से 30 जून के बीच बुकिंग करवाने वाले पर्यटकों का 4 करोड़ 14 लाख रुपए फंसा हुआ है। यह पैसा अब वापस नहीं किया जाएगा। अब पर्यटक दो साल में कोई भी तीन डेट चुन कर यहां आ सकेंगे।

Rakhi Hajela Desk
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