जानिए आखिर क्यों इन दिनों रण बना हुआ है रणथंभौर

— फिर आमने—सामने हुए एरोहैड और रिद्धि

By: Ankita Sharma

Published: 16 Oct 2020, 02:17 PM IST

— पर्यटकों को दिख रहे फाइटिंग के नजारे

— वर्चस्व की लड़ाई में बेटी पर भारी मां

जयपुर। रणथंभौर अभयारण्य इन दिनों मां—बेटी की रणभूमि बना हुआ है। मां—बेटी की यह लड़ाई यहां आने वाले विजिटर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दरअसल, इन दिनों बाघिन एरोहैड की बेटी रिद्धि अब अपना क्षेत्र बनाने को आतुर है। उसकी नजर है अपनी मां एरोहैड के इलाके पर। वहीं एरोहैड अपना क्षेत्र छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। ऐसेे में ये मां—बेटी आए दिन लड़ाई कर रहे हैं। पिछले दिनों बाघिन रिद्धि जब अपनी मां के पास अपना दम दिखाने गई तो एरोहैड ने उसे खदेड़ दिया। एरोहैड ने रिद्धि को ऐसा जोरदार थप्पड़ मारा कि वह चुपचाप चली गई। वहीं आज एक बार फिर एरोहैड और रिद्धि आमने—सामने हो गईं। इस लड़ाई में भी एरोहैड ही रिद्धि पर भारी नजर आई।


दो साल की है रिद्धि

आपको बता दें कि हर बाघिन का अपना एक क्षेत्र होता है, जो 15 से 20 किलोमीटर का होता है। करीब दो साल पहले एरोहैड ने दो बाघिनों को जन्म दिया, जिनका नाम रिद्धि और सिद्धि रखा गया। ये दोनों ही अब दो साल की हो चुकी हैं और अब अपना क्षेत्र बनाने की तैयारी में हैं। रिद्धि अपनी मां एरोहैड के क्षेत्र पर कब्जा करने की फिराक में है, लेकिन जंगल की अनुभवी बाघिन एरोहैड इसके लिए तैयार नहीं है।


पदम तलाब के पास फाइट

वन्य जीव विशेषज्ञों ने बताया कि इन दिनों रिद्धि अपना क्षेत्र मार्क कर रही है। यही कारण है कि एरोहैड और रिद्धि लड़ाई कर रहे हैं। जल्द ही इन दोनों में से एक को क्षेत्र छोड़कर जाना होगा और फिर अपना नया क्षेत्र बनाना होगा। आपको बता दें एक बाघिन का क्षेत्र जहां 15 से 20 किलोमीटर का होता है, वहीं एक बाघ का क्षेत्र 30 से 40 किलोमीटर का बताया जाता है। एक बाघ के क्षेत्र में दो बाघिनों का क्षेत्र आता है।

Ankita Sharma Desk
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