कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई जाएंगी एनसीइआरटी पाठ्यक्रम की किताबें, शिक्षा मंत्री ने ​की घोषणा

कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई जाएंगी एनसीइआरटी पाठ्यक्रम की किताबें, शिक्षा मंत्री ने ​की घोषणा

Pushpendra Singh Shekhawat | Updated: 11 Sep 2019, 05:58:12 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने की घोषणा, भाजपा सरकार की योजनाएं बताने वाली चार किताबें बंद, कांग्रेस सरकार ने दूसरी बार लागू किया एनसीइआरटी पाठ्यक्रम

जया गुप्ता / जयपुर। Rajasthan के सभी सरकारी व निजी स्कूलों ( Government and Private School ) में अब एनसीइआरटी ( NCERT ) पाठ्यक्रम की हिंदी व अंग्रेजी माध्यम की किताबें पढ़ाई जाएंगी। कक्षा 6 से 12 तक एनसीइआरटी का पाठ्यक्रम लागू रहेगा। शिक्षा राज्यमंत्री ( Education Minister ) गोविंद सिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasara ) ने बुधवार को पाठ्यक्रम परिवर्तन की घोषणा की। डोटासरा ने बताया कि पाठ्यक्रम समीक्षा समितियों की सिफारिश के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। सत्र 2020-21 से कक्षा 6 से 9 और 11 में नए पाठ्यक्रम की किताबें लागू हो जाएंगी। वहीं 10वीं और 12वीं में सत्र 2021-22 से नया पाठ्यक्रम लागू होगा। इन दोनों कक्षाओं में सत्र 2020-21 में पुराना पाठ्यक्रम की किताबें ही पढ़ाई जाएंगी।

भाजपा सरकार की योजनाओं की जानकारी देने वाली चार किताबें बंद
प्रदेश में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ( BJP Government ) की ओर से चलाई गई योजनाओं की जानकारी देने वाली चार किताबों पाठ्यक्रम से हटाया गया है। इन किताबों के माध्यम से बच्चों को जल स्वालम्बन, भामाशाह योजना ( Bhamashah Yojna ), स्वच्छता अभियान आदि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी। कक्षा 9 से 12 तक समाजोपयोगी योजनाओं के नाम से किताबें चलाई जा रही थीं। हालांकि इन किताबों की न तो परीक्षा होती थी और न ही नंबर जोड़े जा रहे थे। केवल योजनाओं की जानकारी के लिए ही ये किताबें चलाई गई थी। इस साल भी इन किताबों को छापा नहीं गया था।

लगाया आरोप, विद्या भारती एनजीओ की तर्ज पर छापी किताबें
इस दौरान डोटासरा ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भाजपा के कार्यकाल में शिक्षा संकुल में एक वर्कशॉप की गई। तत्कालीन मंत्री के निर्देश पर वर्कशॉप में निर्देश दिए, इसी नाम से सरकारी आदेश निकाला गया। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि विद्या भारती एनजीओ की तर्ज पर पुस्तकें लिखवाई जाएं। उन्हीं किताबों को स्कूल में पढ़ाया जाए। उन किताबों में बताया गया कि हल्दीघाटी का युद्ध, पानीपत का युद्ध साम्प्रदायिक युद्ध थे। जबकि ये सत्ता-संघर्ष के युद्ध थे।इसीलिए हमारी सरकार की मंशा है कि बच्चों के पाठ्यक्रम में राजनीति नहीं होनी चाहिए। भविष्य में कोई भी पार्टी अपनी विचारधारा नहीं थोपे, इसके लिए यह बदलाव किया गया है। ये धर्मयुद्ध नहीं, सत्ता का संघर्ष था।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned