अब घरेलू क्रिकेट के लिए घोषित समिति पर हुआ बखेड़ा

अब घरेलू क्रिकेट के लिए घोषित समिति पर हुआ बखेड़ा

Priyanka Yadav | Publish: May, 18 2018 01:00:10 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में घरेलू क्रिकेट के लिए गठित समिति को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है।

जयपुर . इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के फ्री पास की लड़ाई के बाद अब राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में घरेलू क्रिकेट के लिए गठित समिति को लेकर भी बखेड़ा खड़ा हो गया है। आरसीए अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी और सचिव राजेन्द्र सिंह नांदू ने गुरुवार को अलग-अलग समितियों की घोषणा की। खास बात यह है कि दोनों गुटों की पहली पसंद आरसीए के पूर्व सचिव अशोक ओहरी है। सचिव की समिति में दो पूर्व रणजी खिलाडि़यों को भी शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि आरसीए में नित नए विवादों के कारण राजस्थान में घरेलू क्रिकेट लंबे समय से ठप पड़ी है।

 

अब आई सुध

आरसीए की वर्तमान कार्यकारिणी को गठित हुए करीब एक साल हो चुका है। चुनाव के बाद ही पूर्व आरसीए सचिव अशोक ओहरी ने राजस्थान की घरेलू क्रिकेट को पटरी पर लाने के लिए अध्यक्ष को एक प्रस्ताप सौंपा था। तब से प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़ा था।

 

सचिव ही होता है कन्वीनर- नांदू

सचिव नांदू ने कहा कि कमेटी के गठन में एक बार फिर उनकी अनदेखी की गई है। आरसीए संविधान के हिसाब से प्रत्येक कमेटी का कन्वीनर सचिव ही होता है। मैं भी घरेलू क्रिकेट को पटरी पर लाने का पक्षधर हूं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव के तुरंत बाद ही घरेलू क्रिकेट के लिए प्रस्ताव आया था तो क्यों अब तक उस पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने अरोप लगाया कि आइपीएल पास की बंदरबाट बंद होने से निराश जोशी गुट ने वाह वाही लूटने के लिए आनन-फानन में यह कदम उठाया है। नांदू ने कहा मुझे खुशी है कि मैं क्रिकेटरों को उनका हक दिलाने में कामयाब रहा।

 

ओहरी दोनों गुटों की पहली पसंद

अध्यक्ष की समिति

अशोक ओहरी कोर्डिनेटर, देवाराम चौधरी कन्वीनर, हेतराम धरनिया, गिरिराज सनाढ्य, प्रदीप नागर व शक्ति सिंह ।

सचिव की समिति

अशोक ओहरी चेयरमैन, राजकुमार माथुर, हेतराम धरनिया, सुमेन्द्र तिवारी, विनोद सहारण, धरमवीर सिंह शेखावत, गुंजन शर्मा और पूर्व रणजी खिलाड़ी रोहित झालानी व निखिल डोरू।

जोशी को बहुमत खोने का डर- रुचिर

अलवर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और पूर्व आइपीएल चेयरमैन ललित मोदी के बेटे रुचिर मोदी ने एक बयान जारी कर इस कमेटी को अवैध बताया। रुचिर ने कहा, आरसीए के संविधान के अनुसार साधारण सभा की बैठक में समिति व उपसमितियों का गठन किया जाना चाहिए था, लेकिन आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी साधारण सभा की बैठक बुलाने से शायद डर रहे हैं। उन्हें बैठक में बहुमत खोने का डर है। इसलिए उन्होंने बगैर किसी बैठक के अपने चहेतों को लेकर कमेटी का गठन कर दिया, जबकि अनुभवी व टूर्नामेंट आयोजन के विशेषज्ञों की अनदेखी की है।

 

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