लाखों की चपत से बचने के लिए अब याद आए मार्केटिंग फंडे

लाखों की चपत से बचने के लिए अब याद आए मार्केटिंग फंडे

Ashish Sharma | Publish: Apr, 17 2018 08:38:28 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

लाखों की चपत से बचने के लिए अब याद आए मार्केटिंग फंडे...

जयपुर
आरसीडीएफ ने स्टॉक में जमा हुए लाखों रुपए के सरस घी को बेचने के लिए नई कवायदों में जुट गया है। स्टॉक में मौजूद घी की शेल्फ लाइफ कुछ महीनों में ही पूरी होने वाली है। पैकिंग के बाद घी की कुछ महीने की शेल्फ लाइफ होती है। जो कि घी की पैकिंग पर लिखी होती है। इस लाइफ तक ही घी को बेस्ट माना जाता है। इस लाइफ के बाद फूड सेफ्टी एक्ट के साथ ही अन्य मानकों के हिसाब से इसे नहीं बेचा जा सकता है। ऐसे में लाखों रुपए की चपत से बचने के लिए अब जाकर आरसीडीएफ को घी की मार्केटिंग के नए नए फंडे याद आ रहे हैं।
दरअसल, आरसीडीएफ ने सरस घी के बढ़े स्टॉक को निकालने के लिए ओपन ट्रेड पॉलिसी जारी की है। इस पॉलिसी के तहत कोई भी उपभोक्ता या व्यापारी सरस घी वितरक दर पर खरीद सकेगा। सरस के पार्लर से कंज्यूमर पैक खरीदने पर भी अब वितरक दर पर घी मिलेगा। इससे आम उपभोक्ता को पार्लर से एक लीटर घी खरीदने पर करीब 30 रुपए का फायदा होगा। यानि पार्लर से घी खरीदने पर एक लीटर घी अब 395 रुपए की बजाय करीब 366 रुपए में मिलेगा।
स्टॉक में करोड़ों का घी
जानकारों का कहना है कि आरसीडीएफ के पास जयपुर डेयरी समेत अन्य डेयरियों को मिलाकर कुल करीब 10 हजार मीट्रिक टन घी का स्टॉक है। इस पैकिंग घी की शेल्फ लाइफ कुछ महीनों की बची है। सरस के मोनोकॉर्टून पैक की शेल्फ लाइफ छह महीने जबकि टिन की शेल्फ लाइफ नौ महीने की होती है। इस लाइफ के पूरी होने से पहले ही इसकी खपत करने के लिए आरसीडीएफ नए नए तरीके अपना रही है।
ओपन पॉलिसी में यह
ओपन ट्रेड पॉलिसी के तहत कोई भी उपभोक्ता अथवा व्यापारी राज्यभर में किसी भी सरस डेयरी से वितरक दर पर सीधे ही थोक में घी खरीद सकता है। एक समय में 15 किलो टिन पैक में 100 टिन या इससे अधिक खरीदने पर उसे वितरक दर पर ही सरस घी मिलेगा।
दूध की आवक से बढ़ा स्टॉक
सोमवार को ही आरसीडीएफ ने घी के दामों में प्रति लीटर 25 रुपए की कमी की थी। अब स्टॉक में रखे घी को बेचने के लिए फिर नई व्यवस्था की गई है। डेयरियों में दूध की आवक बढ़ने और दूध की सप्लाई कम होने के कारण बचे दूध का घी बनाने से स्टॉक बढ़ गया है। सही समय पर मार्केटिंक फंडे नहीं अपनाने से भी स्टॉक हो गया है। अब इस स्टॉक को खत्म करने के लिए कोशिश की जा रही हैं।
बल्क में खरीदने पर मिलेगा लाभ
आरसीडीएफ के मुताबिक आम उपभोक्ताओं को विवाह समारोह अथवा अन्य सामाजिक आयोजन हेतु बल्क में घी खरीदने पर लाभ होगा। आम व्यापारी भी सीधे ही वितरक दर पर सरस घी खरीद सकते हैं। सरस पार्लर से 15 किलोग्राम टिन पैक खरीदने पर उपभोक्ता को वितरक दर से केवल दो रुपए प्रति किलोग्राम ही अतिरिक्त देने होंगे। आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और आईसक्रीम निर्माताओं के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। छ़ोटी मात्रा में 10 मैट्रिक टन तक स्किम्ड मिल्क पाउडर 170 रुपए प्रति किलोग्राम (कर अतिरिक्त) की दर पर राज्यभर में किसी भी सरस डेयरी से क्रय किया जा सकता है। जयपुर डेयरी के चेयरमेन ओमप्रकाश पूनियां का कहना है कि आरसीडीएफ और डिस्ट्रीब्यूटर्स की मिलीभगत के कारण घी का स्टॉक हुआ है। इन्हें समय पर कदम उठाने चाहिए थे। पूनियां का कहना है कि घी की पैकिंग पर लिखी अवधि के बाद इसे नहीं बेचा जा सकता।

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