अब 25 प्रतिशत नहीं 50 प्रतिशत विषयों में करवा सकेंगे परीक्षार्थी पुनर्मूल्यांकन,राजस्थान विश्वविद्यालय के फैसले से बढ़ेगी कमाई

HIMANSHU SHARMA

Publish: May, 18 2019 11:30:54 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर
प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय ने अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट परीक्षार्थियों को राहत दी है। कुलपति ने परीक्षा विभाग को आदेश देते हुए इस बार भी पुनर्मूल्यांकन के नियमों में बदलाव किया है। जिसमें अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट परीक्षार्थी अब परीक्षा देने के कुल 50 प्रतिशत विषयों में पुनर्मूल्यांकन करवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले 25 प्रतिशत विषयों में पुनर्मूल्यांकन करवाने के लिए आवेदन कर सकते थे। विश्वविद्यालय के इस नए नियम से अब विश्वविद्यालय की कमाई भी बढ़ेगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ.वीके गुप्ता ने पुनर्मूल्यांकन के नए नियमों को लेकर आदेश जारी कर दिए है।
ऐसे समझे गणित
विश्वविद्यालय के यूजी व पीजी की परीक्षा देने वाला विद्यार्थी एक साल में अगर छह पेपर देता है तो वह तीन पेपर में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेगा। जिससे उसे अपनी तीन उत्तरपुस्तिकाओं को फिर से जांच करवाने का मौका मिल सकेगा। इससे विश्वविद्यालय की आमदनी में भी बढ़ावा होगा। विश्वविद्यालय के नियमित और स्वयंपाठी परीक्षार्थियों को 350 रूपए प्रति कॉपी की जांच और 80 रूपए प्रोसेसिंग शुल्क के देने है। ऐसे में पूर्व नियमों के अनुसार अगर विद्यार्थी एक ही ही कॉपी में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करता तो विश्वविद्यालय को सिर्फ 430 रुपए शुल्क मिल सकता था। लेकिन 50 प्रतिशत के नए नियमों अब परीक्षार्थी कम से कम तीन विषयों में आसानी से आवेदन कर सकेगा। क्योकि अधिकत्तर परीक्षाओं में विद्यार्थी को पांच से छह पेपर देने होते है। ऐसे में प्रोसेसिंग शुल्क तो वहीं रहेगा लेकिन प्रतिपेपर जांच पुनर्मूल्यांकन की राशि बढ़ जाएगी। ऐसे में विश्वविद्यालय की कमाई भी दोगुणा होगी। वहीं विद्यार्थियों को भी राहत मिल सकेगी।

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