बुजुर्गों की पेंशन पास कराने के नाम पर वसूली: ढाई हजार दोगे तो पास हो जाएगी, वरना दफ्तरों के चक्कर लगाते रहो

जीवन के आखिरी पड़ाव पर बुजुर्गों को सहारा देने के लिए सरकार पेंशन दे रही है, लेकिन बुजुर्गों को अपना हक प्राप्त करने में ही बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। राजधानी में पेंशन जारी करवाने के नाम पर ई-मित्र केन्द्रों पर बुजुर्गों से ही वसूली की जा रही है।

By: kamlesh

Published: 17 Sep 2020, 03:01 PM IST

विजय शर्मा/जयपुर। जीवन के आखिरी पड़ाव पर बुजुर्गों को सहारा देने के लिए सरकार पेंशन दे रही है, लेकिन बुजुर्गों को अपना हक प्राप्त करने में ही बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। राजधानी में पेंशन जारी करवाने के नाम पर ई-मित्र केन्द्रों पर बुजुर्गों से ही वसूली की जा रही है। 2500 रुपए देने के बाद तीन दिन में ही पेंशन शुरू होने का दावा किया जा रहा है। जो बुजुर्ग बिना पैसे दिए ही आवेदन कर रहे हैं, उन्हें निगम से लेकर कलक्ट्रेट तक पेंशन पास करवाने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ऐसे में निगम और कलक्ट्रेट की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। राजधानी में तीन हजार आवेदन हर महीने आ रहे हैं। खास बात है कि ई-मित्र संचालक नगर-निगम में रिपोर्ट तैयार कराने से लेकर कलक्ट्रेट में पास करवाने तक के नाम पर वसूली कर रहे हैं।

आए दिन आ रही शिकायतों के बाद राजस्थान पत्रिका ने बुधवार को राजधानी के ई-मित्र केन्द्रों पर जाकर रियलिटी चैक किया। सामने आया कि बुजुर्ग जहां परेशान हो रहे हैं, वहीं ई मित्र संचालक पैसे कूट रहे हैं। केन्द्र संचालकों ने यहां तक कह दिया कि बिना पैसे दिए पेंशन पास नहीं हो सकती।

केस-1
दो हजार लगेंगे, फोन कर देंगे, काम हो जाएगा
पत्रिका टीम बदनपुरा में मंगल स्कूल के सामने ई-मित्र केन्द्र पर गई। यहां संचालक से पिता की पेंशन शुरू कराने के लिए कहा। संचालक ने जनाधार कार्ड की मांग की। इसके बाद पेंशन आवेदन के 200 रुपए मांगे। संचालक बोला-दो हजार और दोगे तो बिना झंझट खाते में पेंशन आ जाएगी। तीन से चार दिन प्रक्रिया में लगेंगे। नहीं चक्कर लगाने पड़ेंगे।

केस-2
पेंशन शुरू नहीं हो तो पैसे वापस ले जाना
पत्रिका : पेंशन शुरू नहीं हो रही हैं, परेशान हो गए
संचालक : पेंशन का आवेदन करने वालों को कहते हुए, इनको भी यही समझा रहा हूं, आसानी से नहीं होगी
पत्रिका : आप हमारा काम कराओ, चक्कर लगाते थक गए।
संचालक : निगम से कलक्ट्रेट तक काम करवाना पड़ता है, 2500 रुपए लगेंगे।
पत्रिका : अगर फिर भी नहीं हुई तो
संचालक : मेरी यही दकान है, वापस पैसे ले जाना

पीड़ा ऐसी कि बिना पैसे दिए बुजुर्ग लगा रहे चक्कर
वार्ड नंबर 12 निवासी निर्मला देवी और सागरमल पिछले एक साल से पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। पहले तो जनाधार कार्ड के लिए परेशान हुए। एक साल में जाकर जनाधार कार्ड मिला। अब पेंशन का आवेदन किया तो जारी नहीं हो रही। ई-मित्र संचालक ने दोनों पेंशन के चार हजार रुपए मांगे, लेकिन आवेदक ने नहीं दिए। ऐसे में दोनों बुजुर्गों की पेंशन जारी नहीं हो रही।

क्या है प्रकिया
55 साल की महिला और 58 साल पुरुष की उम्र होने के बाद सरकार पेंशन शुरू करती है। ई-मित्र पर आवेदन भी नि:शुल्क है। सभी दस्तावेज लगने के बाद नगर निगम के संबंधित जोन में पेंशन की वैरिफाई होने जाती है। यहां से पास होने के बाद कलक्ट्रेट जाती है। निगम की रिपोर्ट पर कलक्ट्रेट से पेंशन पास हो जाती है। पूरी प्रक्रिया में एक महीने तक का समय लगता है।

कलक्टर बोले-शिकायत आ रही हैं, अपने स्तर पर जांच कराएंगे
पेंशन को लेकर बुजुर्गों को परेशानी की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में हम अपने स्तर पर जांच करवा रहे हैं। डीओआइटी के एसीपी को इसके निर्देश दिए हैं। अगर ई-मित्र संचालक ऐसी वसूली कर रहे हैं तो कार्रवाई होगी।
अंतर सिंह नेहरा, कलक्टर जयपुर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned