NCDX: सोयाबीन और सरसों सीड पर सर्किट लिमिट घटे

मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूशर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Mustard Oil Producers Association of India) ने सोयाबीन ( soybean ) एवं मस्टर्ड ऑयल सीड्स ( mustard oil seeds ) पर नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (National Commodity and Derivatives Exchange) पर सर्किट लिमिट में शीघ्र ही बदलाव करने की मांग की है। मोपा अध्यक्ष बाबूलाल डाटा एवं मंत्री कृष्ण कुमार अग्रवाल ने सिक्योरिटी एक्सचेंज एंड बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) को दिए ज्ञापन में कहा है कि पिछले साल तक उक्त ऑयल सीड्स के भाव 3500 से 4200 रुपए प्रति क्विंटल क

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 16 Apr 2021, 09:59 AM IST

जयपुर। मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूशर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मोपा) ने सोयाबीन एवं मस्टर्ड ऑयल सीड्स पर नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडैक्स) पर सर्किट लिमिट में शीघ्र ही बदलाव करने की मांग की है। मोपा अध्यक्ष बाबूलाल डाटा एवं मंत्री कृष्ण कुमार अग्रवाल ने सिक्योरिटी एक्सचेंज एंड बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) को दिए ज्ञापन में कहा है कि पिछले साल तक उक्त ऑयल सीड्स के भाव 3500 से 4200 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहे थे। तब एनसीडैक्स पर इनकी सर्किट लिमिट 4 फीसदी थी। मगर इस साल सोयाबीन एवं सरसों सीड के भाव 7000 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास पहुंच गए हैं, तो एनसीडैक्स ने सर्किट लिमिट को 4 से बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया है। परिणामस्वरूप बाजार में सोयाबीन एवं सरसों सीड के भावों में भारी उठापटक देखी जा रही है। यानी एक दिन में ही इनकी कीमतों में 300 से 600 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी मंदी हो रही है। लिहाजा कहा जा सकता है कि बाजार पर सटोरियों का कब्जा हो गया है। यही कारण है कि क्रशिंग यूनिट्स (तेल मिलों) को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डाटा ने बताया कि देश में इस साल सरसों की रिकॉर्ड पैदावार (करीब 85 लाख टन) हुई है, लेकिन भारी उतार-चढ़ाव के चलते तेल मिलों को पर्याप्त मात्रा में सरसों उपलब्ध नहीं हो रही है। मोपा ने सेबी को दिए ज्ञापन में कहा है कि सरसों एवं सोयाबीन सीड पर सर्किट लिमिट 6 प्रतिशत से घटाकर दो फीसदी की जावे।

Narendra Kumar Solanki Desk
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