REET: चूड़ी, मंगलसूत्र, बाली, चुनरी सब उतरवाए,कड़ी जांच के बाद एंट्री

प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा शुरू हो चुकी है। परीक्षा केंद्रों पर मंगवाई गई सामग्री के अलावा किसी भी अन्य सामगी को अंदर नहीं ले जाने दिया गया, यहां तक की पूरी बाहों की कमीज, जूते पहनने पर भी रोक लगाई गई थी साथ ही महिला अभ्यार्थी ज्वैलरी, चुनरी, बालों में रबरबैंड या कोई पिन लगा कर नहीं आ सकती थी, ऐसे में उन्हें यह सब उतारना पड़ा। कई परीक्षा केंद्रों पर इसे लेकर महिला अभ्यार्थी रोती हुई भी नजर आईं लेकिन मौके पर मौजूद परीक्षा संचालकों ने बिना ज्वैलरी उतारे हुए अंदर

By: Rakhi Hajela

Updated: 26 Sep 2021, 01:01 PM IST


पूरी बाहों की कमीज में नो एंट्री
देरी से पहुंचने पर परीक्षा देने से वंचित हुए परीक्षार्थी
जयपुर
प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा REET शुरू हो चुकी है। कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इससे पूर्व राजधानी के विभिन्न परीक्षा केंदों पर कड़ी सुंरक्षा के बीच अभ्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। बोर्ड के तरफ से जारी की गई गाइडलाइन की पालना करते हुए उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए ऐसे मे कई परीक्षा केंद्रों पर समय से नहीं पहुंचने वाले अभ्यार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। परीक्षा केंद्रों पर मंगवाई गई सामग्री के अलावा किसी भी अन्य सामगी को अंदर नहीं ले जाने दिया गया, यहां तक की पूरी बाहों की कमीज, जूते पहनने पर भी रोक लगाई गई थी साथ ही महिला अभ्यार्थी ज्वैलरी, चुनरी, बालों में रबरबैंड या कोई पिन लगा कर नहीं आ सकती थी, ऐसे में उन्हें यह सब उतारना पड़ा। कई परीक्षा केंद्रों पर इसे लेकर महिला अभ्यार्थी रोती हुई भी नजर आईं लेकिन मौके पर मौजूद परीक्षा संचालकों ने बिना ज्वैलरी उतारे हुए अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। जिन अभ्यार्थियों के साथ कोई परिजन नहीं था उन्होंने अपनी चुनरी और पैरों के बिछिए जैसी ज्वेलरी केंद्र के आसपास लगे पेड़ों पर ही टांग दिए। जब अभ्यार्थी अंदर चले गए तो बाहर उनके जूतों का ढेर भी देखा जा सकता था।
पूरी बांह के कपड़ों में नो एंट्री
कुछ अभ्यार्थी ऐसे भी थे जो पूरी बांह की शर्ट पहन कर पहुंचे थे, उन्हें गेट पर रोक लिया गया। जेएलएन मार्ग स्थित एक परीक्षा केंद्र पर एक महिला अभ्यार्थी पूरी बांह की टीशर्ट पहन कर परीक्षा देने पहुंची जैसे ही उसे पता चला कि पूरी बांह पहन कर जाना अलाउ नहीं है उसमें बांह ऊपर चढ़ा ली लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। ऐसे में महिला के साथ आए उनके पति ने अपनी टीशर्ट निकाल कर महिला को दी, महिलाने कपड़े बदले तब जाकर उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला।
फूट फूट कर रोई भी नो एंट्री
शहर के कई परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यार्थी, पैरों में बिछिए के साथ ही गले में मंगलसत्र, कानों में बालियां आदि पहने हुए ही पहुंच गई थी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व उन्हें यह सब उतारना पड़ा। कई महिलाओंने चुनरी हटाने से मना किया तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। कई महिला अभ्यार्थी तो इसे लेकर फूटफूट कर रोती हुई देखी गई। उनका कहना था कि वह बिना चुनरी के परीक्षा देने नहीं जा सकते तो कुछ ने कानों की बालियां और नथ हटाए जाने को लेकर आपत्ति जतमाई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। यहां तक कि हाथ और गले में पहने हुए धागे तक कटवा दिए गए।
देरी से पहुंचे हो गए परीक्षा से वंचित
अभ्यार्थियों को निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा केंद्र पर उन्हें से पहुंचना होगा और 9.30 बजे के बाद उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी। ऐसे में कई अभ्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। कॉमर्स कॉलेज में एक अभ्यार्थी पौने दस बजे पहुंचा लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उसे प्रवेश नहीं दिया। 9.30 बजते ही परीक्षा केंद्र का द्वार अंदर से बंद कर दिया गया। परीक्षा समन्वयक आरएन शर्मा ने कहा कि हम बोर्ड और सरकार के नियमों की पालना कर रहे हैं जिससे परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे।
परीक्षा केंद्रों के बाहर लगी भीड़ को देखते हुए एंट्री से लाउडस्पीकर के जरिए अभ्यार्थियों को एंट्री के नियम समझा दिए गए थे जिससे केंद्र पर अफरातफरी की स्थिति पैदा नहीं हो। प्रयास किया गया कि उन्हें कतारबद्ध तरीके से एंट्री दिलवाई जाए। नजदीकी थानों के पुलिसकर्मियों को परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया था जिन्होंने सभी को जांच के बाद ही प्रवेश दिया।
पैन के ढक्कन भी निकलवाए
अभ्यार्थियों को एडमिट कार्ड के साथ पैन लेकर जाने की अनुमति दी गई थी। राजस्थान कॉलेज में परीक्ष देने पहुंचे अभ्यार्थियों से उनके पैन के ढक्कन तक निकलवा लिए गए। पानी की केवल पारदर्शी बोतले ले जाने की अनुमति दी गई थी।
गौरतलब है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 31 पदों पर भर्ती की पात्रता के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा के लिए 16 लाख 51 हजार 842 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है जबकि दोनों लेवल की परीक्षा के लिए 25 लाख 35 हजार 542 परीक्षार्थी फिजिकली रजिस्टर्ड हैं।
सुबह 10 बजे से 12.30 बजे के बीच छठी से आठवीं कक्षा के लिए रीट द्वितीय स्तर की परीक्षा का आयोजन किया गया , जबकि दूसरी पारी में दोपहर 2.30 बजे से 5.00 बजे तक पहली से पांचवीं कक्षा के शिक्षक पात्रता के लिए प्रथम स्तर एक की परीक्षा होगी। प्रथम स्तर की परीक्षा में 12 लाख 67 हजार 983 अभ्यार्थियों के बैठने की संभावना है जबकि द्वितीय स्तर की परीक्षा में 12 लाख 67 हजार 539 परीक्षार्थियों के बैठने की संभावना है।
फैक्ट फाइल
प्रदेश में कुल परीक्षा केंद्र: 4019
जयपुर में परीक्षा केंद्र : 592
एक समय में होगी 3993 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा
प्रदेश में 25 लाख 35 हजार 542 परीक्षार्थी दोनों स्तरों की परीक्षा में शामिल होंगे
प्रदेश में 12 लाख 67 हजार 983 प्रथम स्तर की परीक्षा में परीक्षार्थी
प्रदेश में 12लाख 67 हजार 539 द्वितीय स्तर की परीक्षा में परीक्षार्थी
राज्य के बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या करीब 2 लाख 70 हजार से अधिक है।
जयपुर में कुल परीक्षा केंद्र: 592

Rakhi Hajela Desk
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