अदालतें खुलीं,हाईकोर्ट में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना,अधीनस्थ अदालत में परेशानी

15 दिन के (Summer vacation) ग्रीष्मावकाश और (Corona) कोरोना संक्रमण के कारण करीब तीन महीने तक (VC) वीसी के जरिए सीमित सुनवाई करने के बाद सोमवार को (Highcourt) हाईकोर्ट और (Subordinate courts) अधीनस्थ अदालतें खुल गईं। इस दौरान (Advocates) वकीलों ने (Personaly) व्यक्तिगत तौर पर (Appear) उपस्थित होकर अपने मुकदमों में बहस की।

By: Mukesh Sharma

Published: 29 Jun 2020, 09:35 PM IST

जयपुर
15 दिन के (Summer vacation) ग्रीष्मावकाश और (Corona) कोरोना संक्रमण के कारण करीब तीन महीने तक (VC) वीसी के जरिए सीमित सुनवाई करने के बाद सोमवार को (Highcourt) हाईकोर्ट और (Subordinate courts) अधीनस्थ अदालतें खुल गईं। इस दौरान (Advocates) वकीलों ने (Persaonaly) व्यक्तिगत तौर पर (Appear) उपस्थित होकर अपने मुकदमों में बहस की। इस दौरान अधिकांश वकीलों ने सोश्यिल डिस्टेसिंग के नियम की सख्ती से पालना की और राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेन्द्र शांडिल्य और महासचिव अंशुमान सक्सैना सहित अन्य पदाधिकारी वकीलों को लगातार सोश्यिल डिस्टेसिंग रखने व मास्क लगाने की ओर ध्यान आकृष्ट करते रहे।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने भी परिसर में व्यापक प्रबंध किए हैं। इस दौरान वकीलों और पक्षकारों को ई-पास के जरिए प्रवेश दिया गया। जिन लोगों के ई-पास नहीं बन सके, उनके मौके पर ही पास बनाए गए। वहीं मुख्य बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर सभी लोगों की थर्मल स्क्रिनिंग की गई। इसके अलावा हर अदालत के बाहर हैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई। वकीलों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए दो कोर्ट रूम के बीच में एक कोर्ट रुम खाली रखकर वेटिंग रूम में बदला गया। इसके साथ ही एक बार में मात्र पांच वकीलों को ही कोर्ट में अंदर जाने की अनुमति दी गई और कोर्ट रुम में भी कुर्सियों को संख्या सीमित कर वकीलों को दूर—दूर बैठाया गया। हाईकोर्ट प्रशासन ने दोपहर साढे तीन बजे तक व्यक्त्तिगत सुनवाई और साढे तीन से साढे चार बजे तक वीसी के जरिए सुनवाई करने का निर्णय किया है। दूसरी ओर अधीनस्थ अदालत में वकीलों की संख्या और अदालत कक्षों के छोटे होने कारण सोश्यिल डिस्टेंसिंग कायम नहीं रखी जा सकी। हालांकि हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों में सोमवार को वकील भी बहुत कम संख्या में ही उपस्थित हुए,लेकिन दिन गुजरने के साथ व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आने वाले वकीलों की संख्या में बढोतरी होना तय है।

Mukesh Sharma
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