दुश्मन को धूल चटाने की जिद लिए राजस्थान के इस लाल ने उड़ा दी थी पाकिस्तान की कई चौकियां

आखिर में बोले, ‘मुझे मां की याद आ रही है‘...

By: dinesh

Updated: 26 Jan 2018, 07:09 PM IST

जयपुर। 10 जून 2002, ज मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात 69 फील्ड रेजीमेंट के लेफ्टिनेंट अभय पारीक 17 सिख बटालियन के साथ अटैच थे। बॉर्डर पर गश्त के दौरान अचानक भारतीय खेमे में पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। अचानक से हुई इस फायरिंग में दुश्मन को जवाब देने के दौरान दुश्मनों की ओर से एक गोला लगने से ले. अभय गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बावजूद उनका जज्बा नहीं डिगा और उन्होंने तत्काल पीछे खड़े साथियों को मैसेज किया। दुश्मन को धूल चटाने की जिद लिए ले. अभय ने जवाबी फायरिंग की एवं पाकिस्तान की तीन चौकियों को नष्ट कर दिया। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया।

 

 

मातृभूमि की सेवा का जज्बा राजस्थान के जयपुर के इस लाल में बचपन से ही था। पढ़ाई में होनहार होने के साथ-साथ वे अच्छे मुक्केबाज भी थे। अपने इस कौशल की वजह से उन्हें कॉलेज स्तर पर कई सोने के मेडल भी मिल चुके थे। उनकी इस प्रतिभा के मध्यनजर उन्हें एक प्रतिष्ठित कॉलेज में स्पोट्र्स टीचर बनने का ऑफर भी मिला था, लेकिन देश की सेवा जज्बा दिल में लिए एनसीसी कैडेट अभय पारीक ने सेना में भर्ती को एकमात्र जीवन का ध्येय रखा।

 

 

Lieutenant Abhay Pareek

 

जल्द वापस आने का किया था वादा
मौके पर मौजूद जवानों के अनुसार, जख्मी हुए अभय ने हेलिकॉप्टर में सवार होने से पहले सभी साथियों से हाथ मिलाया और जल्द वापस आने का वादा किया था। उस दौरान किसी को भी ये नहीं लग रहा था कि जल्द लौटने का कहने वाले अभय से कभी मुलाकात नहीं होगी।

 

Read More: गोलियों से छलनी होने पर भी राजस्थान का ये सपूत बहाता रहा दुश्मनों का खून, पूरा देश करता है इन्हें सल्यूट

 


आखिर में बोले, ‘मुझे मां की याद आ रही है‘
इतनी गंभीर अवस्था में भी अभय हेलिकॉप्टर में भी अपने साथियों से आराम से बातचीत करते हुए आए, लेकिन जैसे ही शरीर साथ छोडऩे लगा तो उनके मुख से एक ही बात निकली कि मुझे मां की याद आ रही है। फिर कुछ संभले और कंपनी कमांडर से बोले प्लीज, पापा को कुछ मत बताइएगा!

 

Read More: गोलियां लगने पर भी आखिरी दम तक लड़ता रहा ‘जयपुर‘ का ये ‘लाल‘, पाकिस्तानियों के मंसूबे किये नाकाम

 

 

हमेशा कहता मै ठीक हूं, आप खुद का ध्यान रखना
सीआरपीएफ से सेवानिवृति के बाद अभय पारीक के पिता केएस पारी ने जरूरतमंदों की सेवा के लिए वकालत शुरू कर दी। अभय की मां 27 साल पहले ही दुनिया छोड़ चुकी हैं। पिता के अनुसार, अभय का जब भी फोन आता, तो कहता था कि पापा भारत-पाक की गोलीबारी की आवाज सुनाता हूं। हमेशा कहता मै ठीक हूं, आप खुद का ध्यान रखना।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned