प्याज के दाम पर लगी लगाम, आयात भी जोर पकड़ा

प्याज के भंडारण ( onion storage ) की सीमा निर्धारित होने से प्याज ( onion ) के आसमान छूते दाम पर लगाम लग गई है, लेकिन उपभोक्ता को सस्ता प्याज तभी मिल पाएगा, जब घरेलू उत्पाद की आवक बढ़ेगी, क्योंकि आयातित प्याज ( Imported onion ) भी ऊंचे भाव पर ही आ रहा है। हालांकि, भाव ऊंचा होने से आयात धीरे-धीरे जोर पकड़ता जा रहा है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 28 Oct 2020, 06:22 PM IST

जयपुर। प्याज के भंडारण की सीमा निर्धारित होने से प्याज के आसमान छूते दाम पर लगाम लग गई है, लेकिन उपभोक्ता को सस्ता प्याज तभी मिल पाएगा, जब घरेलू उत्पाद की आवक बढ़ेगी, क्योंकि आयातित प्याज भी ऊंचे भाव पर ही आ रहा है। हालांकि, भाव ऊंचा होने से आयात धीरे-धीरे जोर पकड़ता जा रहा है। प्याज कारोबारियों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह में 8000 टन आयातित प्याज भारत पहुंचेगा। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और विदेशी प्याज के घरेलू बाजार में उतरने से प्याज की महंगाई पर लगाम लगी है और अगले महीने कीमतों में कुछ और नरमी की उम्मीद की जा रही है, हालांकि विदेशों से जो प्याज आ रहा है उसकी लागत 40 रुपए प्रति किलो से ऊपर पड़ रही है, ऐसे में उपभोक्ताओं को घरेलू आवक के बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है।
इस समय अच्छी क्वालिटी के प्याज का थोक भाव करीब 45 रुपए से 50 रुपए प्रति किलो चल रहा है। भारत इस समय ईरान, हॉलैंड, मिश्र और टर्की से प्याज मंगा रहा है। इसके अलावा, अफगानिस्तान से पंजाब के रास्ते प्याज आ रहा है। प्याज व्यापारियों का कहना है ऊंचे भाव मिलने के कारण किसान खेतों से अपनी फसल समय से पहले निकालने लगे है, जिससे नवंबर में घरेलू आवक भी बढ़ जाएगी। 23 अक्टूबर को केंद्र सरकार द्वारा प्याज भंडारण की सीमा तय करने के बाद कीमत में थोड़ी नरमी आई है।

भाव घटा नहीं, कीमतों में तेजी थमी
प्याज के दाम में नरमी तभी आएगी, जब घरेलू आवक बढ़ेगी। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से कीमतों में हो रही वृद्धि थम गई है, लेकिन अभी भाव घटा नहीं है। इस समय आयातित पीला प्याज 40 रुपए से 45 रुपए प्रति किलो, जबकि लाल प्याज 50 रुपए से 55 रुपए प्रति किलो थोक में बिक रहा है।

भारी वर्षा से फसल खराब
महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई प्याज उत्पादक जिलों में भारी वर्षा के चलते प्याज की खरीफ फसल खराब हो जाने से देश में प्याज की कीमतों में हो रही वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले 14 सितंबर को प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। उसके बाद 23 अक्टूबर को प्याज भंडारण की सीमा तय कर दी गई। इस सीमा के मुताबिक 31 दिसंबर तक थोक विक्रेता के लिए अधिकतम 25 टन और खुदरा विक्रेता अधिकतम दो टन प्याज का स्टॉक रखने की इजाजत दी गई है।

देश में प्याज का आंकड़ा
पिछले पांच साल की कीमतों से तुलना में प्याज की कीमतों में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है और आवश्यक वस्तु अधिनियम के मुताबिक ये कीमतों में वृद्धि को छू गई है। इसलिए प्याज पर आज से स्टॉक लिमिट लगाई गई है। इसके अलावाए नेफेड के पास पड़े बफर स्टॉक से भी प्याज निकाला जा रहा है। नेफेड ने बीते फसल वर्ष में एक लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा था, लेकिन बताया जा रहा है कि उसमें से करीब 25 फीसदी प्याज खराब हो गया।

Narendra Kumar Solanki Desk
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