राजस्व सेवा के कार्मिक करेंगे सविनय अवज्ञा आंदोलन


प्रशासन गांव के संग और प्रशासन शहरों के संग अभियान का बहिष्कार
अभियान संबंधी प्री कैम्प, बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नहीं होंगे शामिल

By: Rakhi Hajela

Updated: 22 Sep 2021, 03:13 PM IST


जयपुर।
राज्य सरकार की ओर से 3 जुलाई 2021 को किए गए समझौते और पूर्व में किए गए समझौतों को लागू नहीं किए जाने के विरोध में प्रदेश के पटवारी, कानूनगो और तहसीलदारों ने सविनय अवज्ञा आंदोलन करने का निर्णय लिया है। राजस्थान पटवार संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र निमिवाल ने कहा कि राजस्व सेवा के कार्मिक प्रशासन गांव के संग और प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत लगाए जाने वाले प्री कैम्प और अभियान से संबंधित बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि में शामिल नहीं होंगे और सविनय अवज्ञा आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रशासन गांव के संग और प्रशासन शहरों के संग अभियान का बहिष्कार किया जाएगा।
यह है राजस्व सेवा परिषद की मांगें
: पटवारी, भू अभि.निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार के वेतनमान में सुधार करने की मांग।
: पटवारी को 5वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर वरिष्ठ पटवारी वेतनमान दिए जाने की मांग।
: : 9 साल की सेवा अवधि पूरी करने पर भूअभि.निरीक्षक के पद का वेतन देने के आदेश जारी करने की है मांग।
: नायब तहसीलदार के पद को राजपत्रित अधिकारी बनाया जाए, यह पद 50 फीसदी पदोन्नति से और 50 फीसदी सीधी भर्ती से भरे जाएं।
: परिषद के सभी घटकों की नियमित पदोन्नतियां सुनिश्चित की जाएं।
: परिषद के सभी घटकों की कैडर स्ट्रेंथ में नए पदों का सृजन किया जाए।
: कोटा संभाग व सवाई माधोपुर के राजस्व कर्मियों के आंदोलन अवधि के असाधारण अवकाश को उपार्जित अवकाश में बदला जाए।
: परिषद के घटक संगठनों के सभी कार्मिकों के लिए तबादला नीति बनाई जाए।
: पंजीयन का अधिकार उपपंजीयक के पास ही यथावत रखा जाए।

Rakhi Hajela Desk
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