देश में घुसे रोहिंग्याओं को बंगाल में बसा रही हैं ममता—बीएसएफ डीजी

Anand Mani Tripathi

Publish: Sep, 07 2018 04:24:18 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India

 


रोहिंग्या मुस्लिमों के भारत में आने को लेकर देश में राजनीतिक माहौल कई बार गर्माया है. राजनीतिक बयानों से अलग शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक केके शर्मा का बयान सामने आया. केके शर्मा ने कहा कि हमारे बल ने सीमा से आने वाले रोहिंग्याओं को पूरी तरह से रोक दिया है लेकिन अब चिंता उन रोहिंग्याओं की है जो पहले से ही भारत में हैं.उन्होंने कहा कि भारत में मौजूद रोहिंग्याओं को वह राज्यों में बसने से नहीं रोक पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार रोहिंग्याओं के साथ मित्र व्यवहार करती है, वहां पर उन्हें कैंप में बसाकर रखा जा रहा है.बता दें कि केंद्र सरकार भारत में मौजूद करीब 40 हजार रोहिंग्याओं को वापस भेजने का योजना पर काम कर रही है। ऐसे में BSF के डीजी का बयान हैरान करता है. आपको बता दें कि पिछले साल से ही रोहिंग्याओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की सरकार के बीच ठनी हुई है. रोहिंग्या के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कह चुकी हैं कि 'केंद्र सरकार ने हमें बताया है कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों के बीच आतंकवादी मौजूद हैं, मगर मुझे ऐसा नहीं लगता'.प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डीजी बीएसएफ ने कहा कि बांग्लादेश बॉर्डर से भारत आने वाले जाली नोटों में भी अब भारी गिरावट आई है. उन्होंने इस अभियान के तहत बॉर्डर गार्डिंग बांग्लादेश (BJB) के सहयोग की भी काफी सराहना की. उन्होंने कहा कि इस साल भारत-बांग्लादेश सीमा पर मात्र 11 लाख के जाली नोट पकड़े गए हैं जो कि पिछले सालों की अपेक्षा काफी कम है.जाली नोटों की तस्करी को लेकर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के DG शफीनुल इस्लाम ने कहा कि "बांग्लादेश सरकार ने डिटेक्टिंग मशीन लगाई है, चौकसी भी बढ़ाई है जिसके चलते जाली नोटों की तस्करी रोकने में हम कामयाब हुए हैं.डीजी बीएसएफ ने कहा कि भारत ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए लगातार कदम उठा रहा है. इस साल बांग्लादेश से अवैध तरीके से ह्यूमन ट्रैफिकिंग करने वाले लोगों की धरपकड़ भी की गई है. जिसमें 11552 लोगों को सीमा पार करते हुए BSF ने पकड़ा है और उन्हें लोकल पुलिस को सौंप दिया है.

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