Rohini Vrat 2020 : इस विधान के साथ पूरा होता है रोहिणी व्रत, जानिए महत्व

ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में रोहिणी नक्षत्र का बहुत महत्व बताया गया है। कुल 27 नक्षत्रों में इसका स्थान विशेष है। जैन धर्म में तो इस नक्षत्र को सर्वाधिक महत्व देते हुए इस दिन व्रत का विधान किया गया है। इस दिन मुख्यत: महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान वासुपूज्य की आराधना करती हैं।

By: deepak deewan

Updated: 10 Sep 2020, 10:13 AM IST

जयपुर. ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में रोहिणी नक्षत्र का बहुत महत्व बताया गया है। कुल 27 नक्षत्रों में इसका स्थान विशेष है। जैन धर्म में तो इस नक्षत्र को सर्वाधिक महत्व देते हुए इस दिन व्रत का विधान किया गया है। इस दिन मुख्यत: महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान वासुपूज्य की आराधना करती हैं। खास बात यह है कि व्रत कथा सुने बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है।

मान्यता है कि इस व्रत को करने से घर में धन—संपत्ति और सुखों में वृद्धि होती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि जैन परिवारों की महिलाएं इस दिन देवी रोहिणी की भी पूजा करती हैं। पति की लम्बी आयु और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह व्रत किया जाता है। भगवान से अपने ज्ञात—अज्ञात गल्तियों—अपराधों के लिए क्षमायाचना भी की जाती है।

रोहिणी व्रत के दिन सूर्योदय के पूर्व स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान वासुपूज्य की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। रोहिणी व्रत उदया तिथि में रोहिणी नक्षत्र के दिन से आरंभ होकर बाद के नक्षत्र मार्गशीर्ष तक चलता है। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है।

सामान्य रूप से महीने का 27वां दिन रोहिणी नक्षत्र में ही पड़ता है। इस प्रकार रोहिणी व्रत वर्ष में बारह से तेरह बार किया जाता है। 10 सितंबर 2020 को रोहिणी रोहिणी व्रत किया जा रहा है। इसके बाद सन 2020 में 4 रोहिणी व्रत शेष रहेंगे। नियमानुसार 3, 5 या 7 सालों तक यह व्रत करने के बाद उद्यापन किया जाता है।

इस साल शेष बचे रोहिणी व्रत
— 10 सितंबर 2020: रोेहिणी नक्षत्र प्रारंभ – सुबह 11 बजकर 17 मिनट से (9 सितंबर 2020) रोहिणी नक्षत्र समाप्त – दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक (10 सितंबर 2020) तक होगा।
— 7 अक्टूबर 2020: रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ – सुबह 5 बजकर 55 मिनट से (6 अक्टूबर 2020) रोहिणी नक्षत्र समाप्त – 8 बजकर 36 मिनट तक (7 अक्टूबर 2020) तक होगा।
— 3 नवंबर 2020: रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ – रात 11 बजकर 51 मिनट से (2 नवंबर 2020) रोहिणी नक्षत्र समाप्त – रात 2 बजकर 30 तक (4 नवंबर 2020) तक होगा।
— 30 नवबंर 2020: रोहिणी नक्षत्र पूर्ण रात्रि तक होगा।
— 28 दिसंबर 2020: रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ – दोपहर 1 बजकर 20 मिनट से (27 दिसंबर 2020) रोहिणी नक्षत्र समाप्त – दोपहर 3 बजकर 40 मिनट तक (28 दिसंबर 2020) तक होगा।

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