हिन्दू का अर्थ किसी अन्य पंथ-सम्प्रदाय का विरोध नहीं-निम्बाराम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि समाज जागरण का कार्य के दौरान जब हम हिंदू नाम से संबोधित करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि हम किसी अन्य मत-पंथ, संप्रदाय के विरोधी हैं।

जयपुर।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि समाज जागरण का कार्य के दौरान जब हम हिंदू नाम से संबोधित करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि हम किसी अन्य मत-पंथ, संप्रदाय के विरोधी हैं। संघ ने समाज की आवश्यकता के अनुरूप हिंदू संगठन शुरू किया है। यदि देश में दूसरे संप्रदाय का एक भी व्यक्ति नहीं होता तो भी हिंदू संगठन का कार्य होता। निम्बाराम सोमवार को गोविंद नगर में हिंदू जागरण मंच की युवाओं को रोजगार देने हेतु नेहरू सेवा सदन में आयोजित आर्थिक स्वावलंबन योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि नकारात्मक विषय को लेकर तात्कालिक लोगों को तैयार तो किया जा सकता है, लेकिन वे लोग लंबे समय तक नहीं टिक सकते, इसलिए संघ कार्यकर्ता निर्माण करते हुए सबको साथ लेकर चलता है। प्रतिदिन खेलकूद व व्यायाम करना मात्र हमारा उद्देश्य नहीं है। हमने इसके माध्यम से समाज संगठन का एक विशाल तंत्र खड़ा किया है।

कार्यक्रम में त्रिवेणी धाम डाकोर के ब्रह्मपीठाधीश्वर रामरतन देवाचार्य, जयपुर व्यापार मंडल के संरक्षक रवि नैय्यर व हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप भानुसिंह ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद एक दर्जन युवाओं को स्वरोजगार के लिए आपणी दुकान के नाम से ठेले प्रदान किए गए। इस दौरान संघ के वरिष्ठ प्रचारक मूलचंद सोनी, सुदामा शर्मा, संगठन मंत्री मुरलीमनोहर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

मूल कर्तव्यों की कोई नहीं करता चर्चा

सह क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि आजकल मौलिक अधिकारों की सर्वत्र चर्चा हो रही है लेकिन मूल कर्तव्यों की कहीं चर्चा नहीं होती। संविधान ने हमें केवल अधिकार दिए हैं ऐसा नहीं है। जिस प्रकार अधिकारों की चर्चा कर उसका नाजायज फायदा उठा कर देश को अराजकता की ओर धकेलने वाले लोगों को सावधान रहना चाहिए कि संविधान में कर्तव्य भी दिए गए हैं।

Umesh Sharma Reporting
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